अगस्त महीने में बनेंगे बच्चों के हीमोग्लोबिन कार्ड, एनीमिया के उपचार और पोषण सेवाएं पर दिया जाएगा विशेष ध्यान: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं केवल आधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल के प्रभावी पालन से होती सुनिश्चित
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर अस्पताल में अनिवार्य रूप से लागू करें प्रोटोकॉल
एक महीने में हर बच्चे का बने हीमोग्लोबिन कार्ड, आयुष्मान और स्वास्थ्य योजनाओं की उपायुक्त ने की गहन समीक्षा
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर, डीसी बोले मरीजों को योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए
प्रोटोकॉल पालन से लेकर आयुष्मान योजना तक, डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने दिए सख्त निर्देश
पानीपत, 14 जुलाई। जिला सचिवालय के सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिले के सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री राहत योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया।
बैठक में उपायुक्त ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों एवं प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के प्रत्येक विभाग में संबंधित प्रोटोकॉल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं तथा सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को इसकी पूरी जानकारी दी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बेहतर और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सी-सेक्शन (सिजेरियन) मामलों के लिए अलग प्रोटोकॉल तैयार कर उसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने हेपेटाइटिस के साथ-साथ टीबी और एचआईवी की जिले में वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पूछा कि इन बीमारियों से संबंधित सरकारी योजनाओं का अब तक कितने लाभार्थियों को लाभ मिला है की समीक्षा की। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों तक सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से योजना के पात्र लाभार्थियों, कार्ड निर्माण की स्थिति तथा लोगों को मिल रहे स्वास्थ्य लाभ की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही पीएम राहत योजना के तहत अब तक वितरित की गई आर्थिक सहायता और लाभार्थियों की संख्या की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंचायतों को कुछ गांव अडॉप्ट करने के लिए भी कहा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे का हीमोग्लोबिन कार्ड बनाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि अगले एक महीने के भीतर सभी बच्चों के हीमोग्लोबिन कार्ड तैयार कर लिए जाएं, ताकि एनीमिया की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार और पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं केवल आधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल के प्रभावी पालन से सुनिश्चित होती हैं। प्रत्येक सरकारी और निजी अस्पताल में हर कर्मचारी को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी होनी चाहिए तथा प्रत्येक विभाग में उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री राहत योजना सहित सभी जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही अगले एक महीने के भीतर जिले के प्रत्येक बच्चे का हीमोग्लोबिन कार्ड तैयार कर एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पताल और सभी संबंधित संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बन सकें। इस मौके पर सीएमओ विजय मलिक, सीएमजीजीए आदिति, डॉक्टर मनीष, डॉक्टर ललित वर्मा, डॉक्टर रिंकू सांगवान, डॉक्टर, डॉ सोहन, डॉ नवनीत के अलावा विभिन्न प्राइवेट हॉस्पिटलों के डॉक्टर मौजूद रहे।
Panipat, Panipat | Jul 14, 2026