‘शहर गाँव को खा गया’ में गांव की मिट्टी और बदलते रिश्तों की पीड़ा
- साहित्यकार बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ के काव्य-संग्रह का विमोचन, साहित्य और पुस्तकों से जुड़ने का आह्वान
हिसार।
गढ़वाल सभा (रजि.), हिसार के तत्वावधान में रविवार को शास्त्री नगर स्थित गढ़वाल भवन में साहित्यकार एवं कवि बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ के नवीनतम हिंदी काव्य-संग्रह ‘शहर गाँव को खा गया’ का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में साहित्यकारों, समाजसेवियों और साहित्यप्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कवि बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ के माल्यार्पण कर स्वागत से हुई। इस दौरान वक्ताओं ने उनकी साहित्यिक यात्रा और रचनात्मक योगदान पर प्रकाश डाला। पुस्तक का विमोचन करते हुए अतिथियों ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और रचनाकार अपनी संवेदनशील दृष्टि से समाज में हो रहे बदलावों को शब्द देता है।
वक्ताओं ने कहा कि ‘शहर गाँव को खा गया’ में गांव की मिट्टी, बदलता सामाजिक परिवेश, शहर की भागदौड़ और मानवीय रिश्तों में आ रहे बदलावों को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया गया है। आधुनिक जीवन की आपाधापी के बीच गांव की संस्कृति, परंपराओं और मानवीय संवेदनाओं को बचाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। कवि ने अपनी कविताओं के माध्यम से इन्हीं सामाजिक सरोकारों और बदलते गांव की तस्वीर को स्वर देने का प्रयास किया है। समारोह में ‘हर घर में एक कोना किताबों का’ अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने तथा उन्हें साहित्य से जोड़ने के लिए प्रत्येक घर में पुस्तकों के लिए एक स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए। पुस्तकों से जुड़ाव समाज में विचार और संवेदना को मजबूत करता है।
इस अवसर पर कवि बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तक का उद्देश्य गांव और शहर के बदलते रिश्तों, सामाजिक सरोकारों तथा मानवीय संवेदनाओं को पाठकों तक पहुंचाना है। उन्होंने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में गढ़वाल सभा हिसार और उत्तराखंड सभा सिरसा की ओर से कवि बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में गढ़वाल सभा हिसार के प्रधान विनोद सिंह रावत, कुमाऊं सभा हिसार के प्रधान पीतांबर दत्त पांडे, श्री बद्री केदार रामलीला समिति हिसार के प्रधान मुकेश रावत, गढ़वाल सभा जींद के प्रधान लाल सिंह रावत, उत्तराखंड सभा सिरसा के प्रधान आनंद सिंह रावत तथा उत्तराखंड प्रकोष्ठ महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ममता रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच संचालन हीरो सिंह रावत ने किया। समारोह का समापन साहित्य और पुस्तकों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से भोजन एवं जलपान किया।
USPS हरियाणा के पौधे को फिर सींचने की पहल
हिसार।
कुमाऊं सभा हिसार के वरिष्ठ सदस्य सुरेश जोशी ने कहा कि साहित्यकार बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ के काव्य-संग्रह के विमोचन समारोह में हिसार की सभी सभाओं के पदाधिकारियों का एक मंच पर आना सुखद और गरिमामय अवसर रहा। उन्होंने आयोजन के लिए गढ़वाल सभा तथा उपस्थित सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन से हिसार में उत्तराखंड समाज को भी नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उत्तराखंड समाज की अपनी विशिष्ट पहचान है। इसी सोच के साथ उत्तराखंड समाज प्रतिनिधि सभा (USPS) हरियाणा रूपी पौधा लगाया गया था, जो प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए एक मजबूत मंच रहा है। कुछ कारणों से आज यह पौधा संरक्षण और देखभाल की अपेक्षा कर रहा है। हिसार की सभी सभाएं इसे लेकर पहले भी प्रयास करती रही हैं और आगे भी सकारात्मक पहल के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जोशी ने बताया कि पुस्तक विमोचन के बाद ‘दगड़या’ के नेतृत्व में सभी सभाओं के पदाधिकारियों के साथ अनौपचारिक चर्चा हुई, जिसमें उनके विचार और भावनाएं जानने का प्रयास किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही सार्थक परिणाम सामने आएंगे और सभी मिलकर USPS हरियाणा को फिर से मजबूत और सक्रिय करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उन्होंने भी अपने स्तर पर उचित प्रयास किए हैं और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। उन्होंने बिजेंद्र सिंह रावत ‘दगड़या’ को काव्य-संग्रह के लिए शुभकामनाएं देते हुए बधाई दी।
Sirsa, Sirsa | Sep 14, 2026