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महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा जीविका दीदियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, कल्याणकारी योजनाओं एवं महिला हेल्पलाइन 181 की दी गई विस्तृत जानकारी महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार के निर्देशानुसार आज पताही प्रखंड में जीविका समूह की महिलाओं के साथ एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला अधिकारों तथा सरकारी सहायता तंत्र की जानकारी प्रदान करना एवं उन्हें सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र राम ने महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना और उन्हें इनका लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक (DHEW) निधि कुमारी ने महिलाओं के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं एवं सहायता सेवाओं की जानकारी दी। वहीं जेंडर विशेषज्ञ निर्भय कुमार ने लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ रितेश कुमार ने जीविका दीदियों को वित्तीय प्रबंधन, बचत, बैंकिंग सेवाओं के उपयोग, स्वरोजगार तथा सरकारी अनुदान योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। ‘सखी वार्ता’ एवं महिला हेल्पलाइन 181 पर विशेष जोर कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को महिला हेल्पलाइन-181 के महत्व और उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि घरेलू हिंसा, मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की संकटपूर्ण स्थिति में महिलाएं टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसका उद्देश्य गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सके। Information & Public Relations Department, Government of Bihar ICDS Directorate Bihar

1 views | East Champaran, Bihar | Jun 16, 2026

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बेतिया अंचल के डाटा ऑपरेटर राजकुमार मिश्र 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार.....

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Motihari, East Champaran | Jun 16, 2026

टीबी उन्मूलन को मिलेगी रफ्तार, 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप को लेकर सीएचओ क़ो मिला दो दिवसीय प्रशिक्षण

मोतिहारी, 16 जून 26

पूर्वी चंपारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा टीबी (यक्ष्मा) उन्मूलन के संकल्प को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स  के लिए 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप के उपयोग को लेकर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति स्थित सभागार में किया गया।इस सम्बन्ध में सीएस डॉ दिलीप कुमार ने बताया की अब पूर्वी चंपारण जिले में टीबी उन्मूलन को रफ्तार मिलेगी,क्यूंकि 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप को लेकर सीएचओ क़ो दो दिवसीय प्रशिक्षण कराया गया है। उन्होंने बताया की बिहार को टीबी मुक्त बनाने और ग्रामीण स्तर पर संभावित मरीजों की जल्द पहचान करने के उद्देश्य से पूर्वी चंपारण जिले में एक विशेष पहल की गई है। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को 'कफ अगेंस्ट टीबी' डिजिटल ऐप के संचालन और इसके तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराने के लिए दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य प्रशिक्षक पूर्ण भट्टाचार्य द्वारा दिया गया।

- डिजिटल तकनीक से आसान होगी टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग:

दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक पूर्ण भट्टाचार्य ने  स्वास्थ्य कर्मियों को ऐप के कार्यबल, डेटा एंट्री और संभावित मरीजों की पहचान करने के वैज्ञानिक तरीकों को विस्तार से समझाया।अब स्वास्थ्य कर्मी संभावित यक्ष्मा (टीबी) रोगियों की स्क्रीनिंग बेहद आसानी और सटीकता से कर सकेंगे। यह ऐप संभावित मरीजों की खांसी की आवाज  और अन्य लक्षणों के डिजिटल विश्लेषण के आधार पर टीबी के शुरुआती संकेतों को पकड़ने में मदद करता है।जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉ संजीव ने कहा की यह तकनीक बेहद कम समय में प्राथमिक स्क्रीनिंग रिपोर्ट दे देती है, जिससे संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच (जैसे बलगम जांच या सीबीनेट टेस्ट) के लिए तुरंत रेफर किया जा सकेगा।ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा स्क्रीनिंग का दायरा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले के दूर-दराज के गांवों में तैनात इस ऐप के जरिए सीधे आम लोगों तक पहुंचेंगे। कई बार लोग सामान्य खांसी समझकर टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। अब इस सीएचओ डिजिटल टूल की मदद से घर-घर जाकर या हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर आने वाले मरीजों की मौके पर ही स्क्रीनिंग कर सकेंगे।उन्होंने कहा की सही समय पर स्क्रीनिंग होने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा, जिससे न सिर्फ मरीज की जान बचेगी बल्कि समाज में टीबी के फैलाव को भी रोका जा सकेगा।

मौके पर डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डीपीसी भारत भूषण, अमरेंद्र कुमार, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

टीबी उन्मूलन को मिलेगी रफ्तार, 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप को लेकर सीएचओ क़ो मिला दो दिवसीय प्रशिक्षण मोतिहारी, 16 जून 26 पूर्वी चंपारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा टीबी (यक्ष्मा) उन्मूलन के संकल्प को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के लिए 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप के उपयोग को लेकर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति स्थित सभागार में किया गया।इस सम्बन्ध में सीएस डॉ दिलीप कुमार ने बताया की अब पूर्वी चंपारण जिले में टीबी उन्मूलन को रफ्तार मिलेगी,क्यूंकि 'कफ अगेंस्ट टीबी' ऐप को लेकर सीएचओ क़ो दो दिवसीय प्रशिक्षण कराया गया है। उन्होंने बताया की बिहार को टीबी मुक्त बनाने और ग्रामीण स्तर पर संभावित मरीजों की जल्द पहचान करने के उद्देश्य से पूर्वी चंपारण जिले में एक विशेष पहल की गई है। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को 'कफ अगेंस्ट टीबी' डिजिटल ऐप के संचालन और इसके तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराने के लिए दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य प्रशिक्षक पूर्ण भट्टाचार्य द्वारा दिया गया। - डिजिटल तकनीक से आसान होगी टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग: दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक पूर्ण भट्टाचार्य ने स्वास्थ्य कर्मियों को ऐप के कार्यबल, डेटा एंट्री और संभावित मरीजों की पहचान करने के वैज्ञानिक तरीकों को विस्तार से समझाया।अब स्वास्थ्य कर्मी संभावित यक्ष्मा (टीबी) रोगियों की स्क्रीनिंग बेहद आसानी और सटीकता से कर सकेंगे। यह ऐप संभावित मरीजों की खांसी की आवाज और अन्य लक्षणों के डिजिटल विश्लेषण के आधार पर टीबी के शुरुआती संकेतों को पकड़ने में मदद करता है।जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉ संजीव ने कहा की यह तकनीक बेहद कम समय में प्राथमिक स्क्रीनिंग रिपोर्ट दे देती है, जिससे संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच (जैसे बलगम जांच या सीबीनेट टेस्ट) के लिए तुरंत रेफर किया जा सकेगा।ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा स्क्रीनिंग का दायरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले के दूर-दराज के गांवों में तैनात इस ऐप के जरिए सीधे आम लोगों तक पहुंचेंगे। कई बार लोग सामान्य खांसी समझकर टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। अब इस सीएचओ डिजिटल टूल की मदद से घर-घर जाकर या हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर आने वाले मरीजों की मौके पर ही स्क्रीनिंग कर सकेंगे।उन्होंने कहा की सही समय पर स्क्रीनिंग होने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा, जिससे न सिर्फ मरीज की जान बचेगी बल्कि समाज में टीबी के फैलाव को भी रोका जा सकेगा। मौके पर डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डीपीसी भारत भूषण, अमरेंद्र कुमार, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

East Champaran, Bihar | Jun 16, 2026

मेहसी प्रखंड के कोठिया हरिराम और बखरी नाजीर पंचायत में आयोजित सहयोग में माननीय विधायक पिपरा श्री श्याम बाबू प्रसाद यादव ने शिरकत एवं खुद लोगों की समस्याओं को सुनी तथा संबंधित पदाधिकारी से उसका निराकरण कराया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

मेहसी प्रखंड के कोठिया हरिराम और बखरी नाजीर पंचायत में आयोजित सहयोग में माननीय विधायक पिपरा श्री श्याम बाबू प्रसाद यादव ने शिरकत एवं खुद लोगों की समस्याओं को सुनी तथा संबंधित पदाधिकारी से उसका निराकरण कराया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

East Champaran, Bihar | Jun 16, 2026