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श्री कालसेन बाबा इंटर कॉलेज रियोनाई का एक दिवसीय एजुकेशनल टूर हरि बाबा बांध दर्शन के लिए हुआ रवाना

Sahaswan, Budaun | Nov 7, 2022

MORE NEWS

🎥 नई शुरुआत... नया अंदाज़... आपकी राय सबसे ज़्यादा मायने रखती है!

आज पहली बार इस स्टाइल में वीडियो बनाया है। अब फैसला आपका है। 

वीडियो देखकर कमेंट में बेझिझक बताइए—
कैसा लगा? क्या सुधार होना चाहिए? क्या ऐसे वीडियो आगे भी देखने चाहेंगे?

आपका हर सुझाव मेरे लिए बेहद कीमती है। ❤️🙏
कमेंट करना बिल्कुल मत भूलिए!

🎥 नई शुरुआत... नया अंदाज़... आपकी राय सबसे ज़्यादा मायने रखती है! आज पहली बार इस स्टाइल में वीडियो बनाया है। अब फैसला आपका है। वीडियो देखकर कमेंट में बेझिझक बताइए— कैसा लगा? क्या सुधार होना चाहिए? क्या ऐसे वीडियो आगे भी देखने चाहेंगे? आपका हर सुझाव मेरे लिए बेहद कीमती है। ❤️🙏 कमेंट करना बिल्कुल मत भूलिए!

Sahaswan, Budaun | Jul 18, 2026

🚨 बदायूं में सरकारी ट्यूबवेल पर खेत की भराई को लेकर बवाल!

अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कनऊंखेड़ा में खेत की भराई को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। जमकर लाठी-डंडे चले, मारपीट में कई लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या आपकी राय में ऐसे विवादों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में बताइए।

#Breaking #Badaun #Badayun #Alapur #UttarPradesh #CrimeNews #ViralVideo #Police #GroundReport #HindiNews

🚨 बदायूं में सरकारी ट्यूबवेल पर खेत की भराई को लेकर बवाल! अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कनऊंखेड़ा में खेत की भराई को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। जमकर लाठी-डंडे चले, मारपीट में कई लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या आपकी राय में ऐसे विवादों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में बताइए। #Breaking #Badaun #Badayun #Alapur #UttarPradesh #CrimeNews #ViralVideo #Police #GroundReport #HindiNews

Sahaswan, Budaun | Jul 18, 2026

सोनम वांगचुक जी व अन्य प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सोनम वांगचुक जी को हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है और बाकी प्रर्दशनकारियों को भी हटाया जा रहा है।

लोकतंत्र की असली ताकत असहमति को सुनने में होती है, उसे बलपूर्वक दबाने में नहीं। यदि शांतिपूर्ण विरोध भी असहनीय हो जाए, तो यह संविधान की भावना और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए चिंताजनक संकेत है।

लोकतंत्र संवाद से चलता है, दमन से नहीं।

#SonamWangchuk #Democracy #Constitution #RightToProtest #SaveDemocracy #India

सोनम वांगचुक जी व अन्य प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सोनम वांगचुक जी को हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है और बाकी प्रर्दशनकारियों को भी हटाया जा रहा है। लोकतंत्र की असली ताकत असहमति को सुनने में होती है, उसे बलपूर्वक दबाने में नहीं। यदि शांतिपूर्ण विरोध भी असहनीय हो जाए, तो यह संविधान की भावना और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए चिंताजनक संकेत है। लोकतंत्र संवाद से चलता है, दमन से नहीं। #SonamWangchuk #Democracy #Constitution #RightToProtest #SaveDemocracy #India

Sahaswan, Budaun | Jul 18, 2026

🚨 बदायूं की पुलिस चौकी में जो हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। वीडियो वायरल है, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल—क्या कानून के सामने गुस्सा दिखाना सही है?
💬 एक शब्द में जवाब दीजिए— "कौन ज़िम्मेदार?" 👇
#बदायूं #Badaun #ViralVideo #BreakingNews #PoliceChowki #Socialist_Sonu_Yadav
#CrimeNews

🚨 बदायूं की पुलिस चौकी में जो हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। वीडियो वायरल है, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल—क्या कानून के सामने गुस्सा दिखाना सही है? 💬 एक शब्द में जवाब दीजिए— "कौन ज़िम्मेदार?" 👇 #बदायूं #Badaun #ViralVideo #BreakingNews #PoliceChowki #Socialist_Sonu_Yadav #CrimeNews

Sahaswan, Budaun | Jul 15, 2026

हरिओम की मौत एक बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ऐसे समय में गुस्सा और आक्रोश स्वाभाविक है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी पूरी तरह उचित है।

लेकिन नाधा में जो कुछ हुआ, उसने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया। पुलिस और प्रशासन करीब पांच घंटे तक परिजनों से वार्ता करते रहे। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई का भी आश्वासन दिया। यानी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।

इसके बावजूद एक व्यक्ति द्वारा अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किए जाने से पूरा माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। लाठीचार्ज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी भी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि किसी निर्दोष व्यक्ति को चोट पहुंचना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि एक व्यक्ति के इस कदम का खामियाजा वहां मौजूद दर्जनों लोगों को भुगतना पड़ा। कई लोग भगदड़ में गिरे, कई को पुलिस की लाठियां झेलनी पड़ीं और पूरे आंदोलन का स्वरूप बदल गया।

लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर किया गया विरोध ही सबसे प्रभावी और सम्मानजनक माना जाता है। जब प्रशासन कार्रवाई कर रहा हो और बातचीत का रास्ता खुला हो, तब ऐसा कोई कदम नहीं उठना चाहिए जिससे हालात और बिगड़ जाएं।

न्याय जरूरी है, लेकिन संयम भी उतना ही जरूरी है। भावनाओं में लिया गया एक फैसला कभी-कभी सैकड़ों लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। यही इस पूरे घटनाक्रम से सबसे बड़ी सीख है।

हरिओम की मौत एक बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ऐसे समय में गुस्सा और आक्रोश स्वाभाविक है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी पूरी तरह उचित है। लेकिन नाधा में जो कुछ हुआ, उसने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया। पुलिस और प्रशासन करीब पांच घंटे तक परिजनों से वार्ता करते रहे। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई का भी आश्वासन दिया। यानी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। इसके बावजूद एक व्यक्ति द्वारा अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किए जाने से पूरा माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। लाठीचार्ज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी भी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि किसी निर्दोष व्यक्ति को चोट पहुंचना स्वीकार्य नहीं हो सकता। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि एक व्यक्ति के इस कदम का खामियाजा वहां मौजूद दर्जनों लोगों को भुगतना पड़ा। कई लोग भगदड़ में गिरे, कई को पुलिस की लाठियां झेलनी पड़ीं और पूरे आंदोलन का स्वरूप बदल गया। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर किया गया विरोध ही सबसे प्रभावी और सम्मानजनक माना जाता है। जब प्रशासन कार्रवाई कर रहा हो और बातचीत का रास्ता खुला हो, तब ऐसा कोई कदम नहीं उठना चाहिए जिससे हालात और बिगड़ जाएं। न्याय जरूरी है, लेकिन संयम भी उतना ही जरूरी है। भावनाओं में लिया गया एक फैसला कभी-कभी सैकड़ों लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। यही इस पूरे घटनाक्रम से सबसे बड़ी सीख है।

Sahaswan, Budaun | Jul 15, 2026

श्री कालसेन बाबा इंटर कॉलेज रियोनाई का एक दिवसीय एजुकेशनल टूर हरि बाबा बांध दर्शन के लिए हुआ रवाना - Sahaswan News