*सफलता की कहानी*
*सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से जहानाबाद जिलेवासियों की बदलती तस्वीर*
*परंपरागत खेती से आगे बढ़कर केला उत्पादन से लिखी सफलता की नई कहानी, मखदुमपुर के प्रगतिशील किसान श्री समरकांत की केला खेती किसानों के बनी प्रेरणास्रोत*
जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड अंतर्गत चाँढ गांव निवासी प्रगतिशील किसान श्री समरकांत आज जिले में आधुनिक उद्यानिक एवं लाभकारी खेती की पहचान बन चुके हैं। सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती की चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता एवं उद्यान विभाग के सहयोग से केला उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
श्री समरकांत ने बताया कि प्रारंभिक दिनों में वे पारंपरिक खेती करते थे, जिससे अपेक्षित आय प्राप्त नहीं हो पाती थी। साथ ही उनकी *जमीन निचले स्तर (low land ) की है जिससे खरीफ फसल पानी में डूबकर नष्ट हो जाता था* जिससे परिश्रम के अनुसार उन्हें लाभ नहीं मिल पाता था। खेती की बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी मिली।
इसके बाद उन्होंने उद्यानिकी फसलों, विशेषकर केला उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया।
उद्यान विभाग जहानाबाद के मार्गदर्शन में उन्हें केला उत्पादन से संबंधित तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। *इसके अंतर्गत उन्हें महाराष्ट्र के जलगांव में आयोजित केला खेती हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर भी मिला, जहाँ उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से केला खेती की आधुनिक तकनीकों को सीखा।* प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने *1 एकड़ खेत में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की।* वह बताते हैं कि *जी-9 प्रजाति का केला का पौधा अनुदानित दर पर जिला उद्यान कार्यालय जहानाबाद से प्राप्त हुआ तथा समय समय पर उद्यान विभाग के कर्मियों द्वारा तकनीकी जानकारी भी दिया गया।*
आज समरकांत सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर केला उत्पादन कर रहे हैं। उनके खेतों में उन्नत तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती की जा रही है, जिससे उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके द्वारा उत्पादित केले की बिक्री स्थानीय बाजारों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी की जा रही है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।
*समरकांत का कहना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाएं, तो कम भूमि में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। वे अपने आसपास के किसानों को भी केला, पपीता,आम एवं अन्य बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।*
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद एवं जिला प्रशासन को देते हुए कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
जिला प्रशासन, जहानाबाद द्वारा जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें तथा आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
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Jehanabad, Bihar | Jun 6, 2026