10 दिनों पहले ही रास्ता बन कर हुआ था तैयार , 2 दिन की बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल,
समरा नाज़ मासूम बच्ची की एक अपील से मऊ ज़िलाधिकारी ने तत्काल रास्ता बनवाने के लिए मऊ नगर पालिका को निर्देश दिया था जहां नगर पालिका जेई और अधिशासी अधिकारी के देख रेख में रास्ता बना।
सवाल यहां से है कि बरसात का महीना चल रहा था और उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि अगर हम किसी भी रास्ते का निर्माण करते है तो बरसात के मौसम में उसका निर्माण कैसे होना चाहिए, कौन से मैटेरियल का प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि रास्ता मजबूत हो और बारिश से उसपे कोई खास असर नहीं हो।
क्या इसमें नगर पालिका अधिकारियों की बड़ी लापरवाही मानी जाए ?
क्या अब रास्ते की गुणवत्ता को लेकर मऊ ज़िलाधिकारीय, नगर पालिका अधिकारी और जेई के खिलाफ जांच कराएंगे ?
आखिर कितनी लापरवाही से बना कि रास्ते का पूरा आधा रास्ता ही ढह गया?