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मध्य प्रदेश का बजट संकट में? सबसे ज्यादा राशि कर्ज चुकाने को आवंटित ! #MadhyaPradesh #MPBudget #StateDebt #DebtCrisis #...

Sagar Nagar, Sagar | Feb 12, 2026

MORE NEWS

➡️ चीता संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने गांव-गांव पहुंच रही वन विभाग की टीम

चीता स्थापना कार्यक्रम के अगले चरण में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को स्थानांतरित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत स्थानीय ग्रामीणों के बीच चीता प्रजाति, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तथा क्षेत्र के अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही चीता प्रजाति के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों एवं नकारात्मक धारणाओं को दूर करने तथा वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिजर्व के समीपवर्ती ग्रामों में ‘चीता चौपाल’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

चीता चौपाल के दौरान ग्रामीणों एवं बच्चों को लघु वृत्तचित्र तथा पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चीता संरक्षण, जैव विविधता एवं वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के संचालन एवं प्रस्तुतीकरण का दायित्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पदस्थ 30 से अधिक वनरक्षकों एवं दैनिक श्रमिकों द्वारा निभाया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पिछले एक माह के दौरान चरणबद्ध तरीके से पब्लिक स्पीकिंग, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण तथा संरक्षण संबंधी विषयों पर प्रश्नोत्तर आदि का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

चीता चौपाल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करते हुए उन्हें उनकी भौगोलिक एवं प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराना, वन एवं वन्यजीवों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना तथा उनके संरक्षण संबंधी दायित्वों के प्रति जागरूक बनाना है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ चीता संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने गांव-गांव पहुंच रही वन विभाग की टीम चीता स्थापना कार्यक्रम के अगले चरण में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को स्थानांतरित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत स्थानीय ग्रामीणों के बीच चीता प्रजाति, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तथा क्षेत्र के अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही चीता प्रजाति के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों एवं नकारात्मक धारणाओं को दूर करने तथा वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिजर्व के समीपवर्ती ग्रामों में ‘चीता चौपाल’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। चीता चौपाल के दौरान ग्रामीणों एवं बच्चों को लघु वृत्तचित्र तथा पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चीता संरक्षण, जैव विविधता एवं वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाता है। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के संचालन एवं प्रस्तुतीकरण का दायित्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पदस्थ 30 से अधिक वनरक्षकों एवं दैनिक श्रमिकों द्वारा निभाया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पिछले एक माह के दौरान चरणबद्ध तरीके से पब्लिक स्पीकिंग, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण तथा संरक्षण संबंधी विषयों पर प्रश्नोत्तर आदि का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। चीता चौपाल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करते हुए उन्हें उनकी भौगोलिक एवं प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराना, वन एवं वन्यजीवों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना तथा उनके संरक्षण संबंधी दायित्वों के प्रति जागरूक बनाना है। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 5, 2026

➡️ समान नागरिक संहिता अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में श्री अनूप नायर ने  मूल्यवान सुझाव प्रस्तुत करने हेतु अनुरोध किया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ समान नागरिक संहिता अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में श्री अनूप नायर ने मूल्यवान सुझाव प्रस्तुत करने हेतु अनुरोध किया। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

➡️ समान नागरिक संहिता पर जन-विमर्श: जिले के प्रबुद्धजनों ने रखे अपने  विचार

➡️ यूसीसी पर सागर से उठी आवाज: "संवाद से ही बढ़ेंगे कदम, सुरक्षित रहेंगे सबके अधिकार"

मध्य प्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनपरामर्श बैठकें आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में सागर में समाज के विभिन्न वर्गों, विधि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ सीधे संवाद का महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कानूनविद और उच्च स्तरीय समिति के सदस्य श्री अनूप नायर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं, विचारों और सुझावों को संकलित करना है ताकि समिति अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सके। श्री नायर ने बताया कि देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, सागर में प्रबुद्ध नागरिकों और बुद्धिजीवियों, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों से विचार आमंत्रित किए गए हैं। सभी नागरिकों के बहुमूल्य सुझाव समिति के माध्यम से शासन स्तर तक प्रेषित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यह समिति विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद (तलाक), उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानूनों से जुड़े तमाम विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का बेहद गहराई से और विस्तृत अध्ययन कर रही है। इन सभी बिंदुओं की समीक्षा करने के बाद ही समिति समान नागरिक संहिता के संबंध में अपनी उपयुक्त और व्यावहारिक अनुशंसाएं शासन को सौंपेगी। श्री नायर ने जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए आगे बताया कि इन जनपरामर्श बैठकों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य यही है कि इस कानून के निर्माण में समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मौजूद सागर  विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने यूसीसी को आज की आवश्यकता बताया। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि, "मैं समझता हूँ कि  जिस तरह पूरे देश में एक समान कानून और संविधान पूरी तरह से लागू है वैसे ही वर्तमान परिस्थितियों में, समान नागरिक संहिता (UCC) आज के समय की एक बेहद महत्वपूर्ण आवश्यकता और जरूरत बन गई है।" उन्होंने संवाद और संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को सभी से विचार-विमर्श करके इसे लागू करना चाहिए और किसी की भावनाएं आहत न हों, इसका ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने बैठक में हो रहे 'विचार विनिमय' की सराहना की और इसे एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी आज की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि 'संविधान में हम सभी के अधिकार सुरक्षित हैं', और इस नए कानून से किसी भी समुदाय के मौलिक अधिकारों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि 'हमारे देश में संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है', और एक समान कानून सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा।
 उन्होंने सभी के लिए समान नियम होने की बात की और उल्लेख किया कि 'भारतीय दंड संहिता' (IPC) एक समान कानून का ही एक रूप है, जिसे सब मानते हैं।

जिले के प्रबुद्ध जनों में श्री सुखदेव मिश्रा ने यूसीसी का समर्थन और सामाजिक समरसता की बात करते हुए कहा कि ऐसी प्रथा जो समाज को विभाजित करें वह समाज हित या देशहित में नहीं। श्री अनिल तिवार ने कहा कि यूसीसी की जो बैठक जिले स्तर पर आयोजित हो रही हैं वे गाँव में भी आवश्यक रूप से हों साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे सभी व्यक्तिय यूसीसी के बारे में जागरूक हों। डॉ ज्योति चौहान ने यूसीसी लागू होने पर मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव के बारे में सभी को अवगत कराया। श्री शैलेश केसरवानी ने कहा कि हर एक व्यक्ति का बराबर का अधिकार होना ही चाहिए और वे समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि गाँव और ब्लॉक स्तर तक ऐसी बैठकें आयोजित होनी चाहिए।

श्री पप्पू तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के संवाद स्कूलों और कॉलेज में भी होने चाहिए जिससे इसकी जानकारी जन जन तक पहुंचे। सुश्री स्तुति जैन ने यूसीसी लागू होने के पर उत्तराधिकार विषय संबंधी निर्णय पर अपने विचार रखे।

बैठक में जिले के विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों से शामिल हुए अन्य प्रबुद्धजनों ने भी अपने विचार रखे। कई व्यक्तियों ने यूसीसी को 'मातृशक्ति के लिए समानता और उनके सम्मान के लिये भी आवश्यक बताया। महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देने  के साथ ही यह सामाजिक न्याय के लिए भी जरूरी है। बैठक में विभिन्न समुदायों के लिए यूसीसी के संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। कुछ लोगों ने इसे एक प्रगतिशील कदम बताया जो लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगा, जबकि कुछ अन्य ने अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता व्यक्त की। समग्र रूप से, बैठक में सभी पक्षों ने एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की और अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर श्रीअविनाश रावत जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, सुश्री रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य, अन्य प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
कार्यक्रम संचालन डॉ अमर जैन ने किया।

आम नागरिक 15 जून तक https://Ucc.mp वेबसाइट पर भी दे सकते हैं अपने सुझाव

समिति के सदस्य श्री अनूप नायर ने बैठक में स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश शासन समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना चाहता है। जो नागरिक इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाए हैं, वे सीधे शासन की आधिकारिक वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने बहुमूल्य विचार और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ समान नागरिक संहिता पर जन-विमर्श: जिले के प्रबुद्धजनों ने रखे अपने विचार ➡️ यूसीसी पर सागर से उठी आवाज: "संवाद से ही बढ़ेंगे कदम, सुरक्षित रहेंगे सबके अधिकार" मध्य प्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनपरामर्श बैठकें आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में सागर में समाज के विभिन्न वर्गों, विधि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ सीधे संवाद का महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कानूनविद और उच्च स्तरीय समिति के सदस्य श्री अनूप नायर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं, विचारों और सुझावों को संकलित करना है ताकि समिति अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सके। श्री नायर ने बताया कि देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, सागर में प्रबुद्ध नागरिकों और बुद्धिजीवियों, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों से विचार आमंत्रित किए गए हैं। सभी नागरिकों के बहुमूल्य सुझाव समिति के माध्यम से शासन स्तर तक प्रेषित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यह समिति विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद (तलाक), उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानूनों से जुड़े तमाम विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का बेहद गहराई से और विस्तृत अध्ययन कर रही है। इन सभी बिंदुओं की समीक्षा करने के बाद ही समिति समान नागरिक संहिता के संबंध में अपनी उपयुक्त और व्यावहारिक अनुशंसाएं शासन को सौंपेगी। श्री नायर ने जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए आगे बताया कि इन जनपरामर्श बैठकों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य यही है कि इस कानून के निर्माण में समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में मौजूद सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने यूसीसी को आज की आवश्यकता बताया। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि, "मैं समझता हूँ कि जिस तरह पूरे देश में एक समान कानून और संविधान पूरी तरह से लागू है वैसे ही वर्तमान परिस्थितियों में, समान नागरिक संहिता (UCC) आज के समय की एक बेहद महत्वपूर्ण आवश्यकता और जरूरत बन गई है।" उन्होंने संवाद और संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को सभी से विचार-विमर्श करके इसे लागू करना चाहिए और किसी की भावनाएं आहत न हों, इसका ख्याल अवश्य रखना चाहिए। नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने बैठक में हो रहे 'विचार विनिमय' की सराहना की और इसे एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी आज की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि 'संविधान में हम सभी के अधिकार सुरक्षित हैं', और इस नए कानून से किसी भी समुदाय के मौलिक अधिकारों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि 'हमारे देश में संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है', और एक समान कानून सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा। उन्होंने सभी के लिए समान नियम होने की बात की और उल्लेख किया कि 'भारतीय दंड संहिता' (IPC) एक समान कानून का ही एक रूप है, जिसे सब मानते हैं। जिले के प्रबुद्ध जनों में श्री सुखदेव मिश्रा ने यूसीसी का समर्थन और सामाजिक समरसता की बात करते हुए कहा कि ऐसी प्रथा जो समाज को विभाजित करें वह समाज हित या देशहित में नहीं। श्री अनिल तिवार ने कहा कि यूसीसी की जो बैठक जिले स्तर पर आयोजित हो रही हैं वे गाँव में भी आवश्यक रूप से हों साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे सभी व्यक्तिय यूसीसी के बारे में जागरूक हों। डॉ ज्योति चौहान ने यूसीसी लागू होने पर मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव के बारे में सभी को अवगत कराया। श्री शैलेश केसरवानी ने कहा कि हर एक व्यक्ति का बराबर का अधिकार होना ही चाहिए और वे समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि गाँव और ब्लॉक स्तर तक ऐसी बैठकें आयोजित होनी चाहिए। श्री पप्पू तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के संवाद स्कूलों और कॉलेज में भी होने चाहिए जिससे इसकी जानकारी जन जन तक पहुंचे। सुश्री स्तुति जैन ने यूसीसी लागू होने के पर उत्तराधिकार विषय संबंधी निर्णय पर अपने विचार रखे। बैठक में जिले के विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों से शामिल हुए अन्य प्रबुद्धजनों ने भी अपने विचार रखे। कई व्यक्तियों ने यूसीसी को 'मातृशक्ति के लिए समानता और उनके सम्मान के लिये भी आवश्यक बताया। महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देने के साथ ही यह सामाजिक न्याय के लिए भी जरूरी है। बैठक में विभिन्न समुदायों के लिए यूसीसी के संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। कुछ लोगों ने इसे एक प्रगतिशील कदम बताया जो लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगा, जबकि कुछ अन्य ने अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता व्यक्त की। समग्र रूप से, बैठक में सभी पक्षों ने एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की और अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर श्रीअविनाश रावत जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, सुश्री रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य, अन्य प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम संचालन डॉ अमर जैन ने किया। आम नागरिक 15 जून तक https://Ucc.mp वेबसाइट पर भी दे सकते हैं अपने सुझाव समिति के सदस्य श्री अनूप नायर ने बैठक में स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश शासन समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना चाहता है। जो नागरिक इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाए हैं, वे सीधे शासन की आधिकारिक वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने बहुमूल्य विचार और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

बीच बाजार गिरा मकान का छज्जा #news #sagar #smartmpnews #shorts

बीच बाजार गिरा मकान का छज्जा #news #sagar #smartmpnews #shorts

Sagar Nagar, Sagar | Jun 4, 2026

➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: शाहगढ़ में श्मशान घाट की शासकीय भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा

➡️ शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, राजस्व अमला पूरी मुस्तैदी से करे कार्यवाही: कलेक्टर

जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज एक बड़ी कार्रवाई की गई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद शाहगढ़ अनुभाग के ग्राम सेमरा रामचंद्र में श्मशान घाट की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासनिक अमले द्वारा हटा दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को भू-माफियाओं और शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक उपयोग की भूमियों, गोचर, नदी-नालों और श्मशान घाट जैसी संवेदनशील शासकीय जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी ऐसी शिकायत आती है, तो संबंधित अनुभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर के इन्हीं निर्देशों के परिपालन में शाहगढ़ एसडीएम श्री नवीन सिंह ठाकुर के साथ राजस्व अमले ने ग्राम सेमरा रामचंद्र पहुंचकर श्मशान घाट की आरक्षित शासकीय भूमि का सीमांकन किया और उसे अतिक्रमण मुक्त कराया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: शाहगढ़ में श्मशान घाट की शासकीय भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा ➡️ शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, राजस्व अमला पूरी मुस्तैदी से करे कार्यवाही: कलेक्टर जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज एक बड़ी कार्रवाई की गई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद शाहगढ़ अनुभाग के ग्राम सेमरा रामचंद्र में श्मशान घाट की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासनिक अमले द्वारा हटा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को भू-माफियाओं और शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे। कलेक्टर श्रीमती पाल ने निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक उपयोग की भूमियों, गोचर, नदी-नालों और श्मशान घाट जैसी संवेदनशील शासकीय जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी ऐसी शिकायत आती है, तो संबंधित अनुभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर के इन्हीं निर्देशों के परिपालन में शाहगढ़ एसडीएम श्री नवीन सिंह ठाकुर के साथ राजस्व अमले ने ग्राम सेमरा रामचंद्र पहुंचकर श्मशान घाट की आरक्षित शासकीय भूमि का सीमांकन किया और उसे अतिक्रमण मुक्त कराया। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026