असेंट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पद्धर में 'विकसित भारत 2047: युवाओं का भारत' विषय पर संगोष्ठी आयोजित
प्रोफेसर (डॉ.) अनुपमा सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत, विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर दिया गया बल
पद्धर (विशेष संवाददाता):
उपमंडल पद्धर स्थित प्रमुख शिक्षण संस्थान असेंट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पद्धर में 'विकसित भारत 2047: युवाओं का भारत' विषय पर एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में युवाओं की भागीदारी और दृष्टिकोण को स्पष्ट करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी की पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, लोक प्रशासन (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) की वरिष्ठ प्रोफेसर तथा स्वदेशी जागरण मंच हिमाचल प्रांत व स्वदेशी शोध संस्थान से संबद्ध प्रोफेसर (डॉ.) अनुपमा सिंह (निवासी देवदार, मंडी) ने शिरकत की।
दीप प्रज्वलन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ आगाज
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) अनुपमा सिंह, विशिष्ट अतिथियों एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य गुलाब सिंह चौहान द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष विधिवत दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इसके उपरांत विद्यालय की दसवीं कक्षा की छात्राओं ने अत्यंत सुरीले स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि ग्यारहवीं कक्षा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत गाकर उपस्थित अतिथियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
अतिथियों का सम्मान एवं स्वागत
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गुलाब सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनुपमा सिंह का संस्थान परिसर पहुंचने पर स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती माया चौहान ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक हिमाचली टोपी एवं शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
वक्ताओं के विचार एवं संबोधन
मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) अनुपमा सिंह: अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को 2047 के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा ही देश की रीढ़ हैं और उनका कौशल, अनुशासन व समर्पण ही देश को वैश्विक पटल पर अग्रणी बनाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर परिश्रम करें और अपनी शिक्षा का उपयोग समाज व राष्ट्र के उत्थान में करें।
विशेष अतिथि श्री जसवंत सिंह यादव: नागन निवासी, राजनीति विज्ञान में परास्नातक (एम.ए.) एवं बी.एड. श्री जसवंत सिंह यादव ने विद्यार्थियों को स्वदेशी के व्यावहारिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। हमें अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्थानीय व स्वदेश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए, जिससे देश की आर्थिकी मजबूत हो सके।
विशेष अतिथि श्री द्रुपद मेहता: कुफरी निवासी तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व दायित्ववान कार्यकर्ता द्रुपद मेहता ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छात्र जीवन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुषमा: प्रसिद्ध समाज सेविका श्रीमती सुषमा ने समाज सेवा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों से जुड़ने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्य का आभार व्यक्त
समारोह के समापन पर प्रधानाचार्य श्री गुलाब सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि सहित सभी आमंत्रित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें राष्ट्रहित में सोचने के लिए ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
Mandi, Mandi | Aug 25, 2026