जूट के फसल लगाने वाले किसान टकटकी निगाह से आसमान निहार रहें हैं। नदी,ताल तलैया सुखे हैं। जूट के फसल को काटकर पानी में सडने के लिए छोड़ा जाता है। जिसके बाद नगदी फसल जूट तैयार होता है। नगदी फसल जूट के तैयारी पर ही किसानों का पर्व त्योहार बच्चों के कपडें की खरीददारी,बच्चों के शादी-ब्याह, महाजन की देनदारी निर्भर करता है।