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31 दिसंबर 2028 तक भव्य मंदिर में स्थापित होंगी मां जानकी, पुनौराधाम के विकास को मिल रही नई गति :- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि विधान से माँ जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
पुनौराधाम माँ जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
पटना 08 अगस्त 2026 : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज माता जानकी की जन्मस्थली
सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में मां जानकी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि विधान से माँ जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर परिसर स्थित नवनिर्मित अस्थायी काष्ठ मंडपम में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं को स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से माँ सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रस्तावित माँ जानकी मंदिर के मॉडल के माध्यम से मुख्यमंत्री को मंदिर एवं परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, महिला हाट सहित अन्य प्रस्तावित भवनों तथा श्रद्धांलुओं हेतु उपलब्ध करायी जानेवाली सुविधाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूर्ण कर माँ जानकी को भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। पुनौराधाम माँ जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया स्वीकार।
मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर प्रांगण में बज्जिका कला एवं सिक्की कला पर आधारित शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कला एवं शिल्प की विविधता तथा कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की जानकारी ली।
पुनौराधाम मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उद्योग एवं खेल तथा सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री श्री नन्द किशोर राम, पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती श्वेता गुप्ता, सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक श्री बैद्यनाथ प्रसाद, विधायक श्रीमती गायत्री देवी, विधायक श्री सुनील कुमार पिंटू, विधायक श्री पंकज कुमार मिश्रा, विधायक प्रोफेसर नागेंद्र राउत, विधायक श्री अनिल कुमार, विधायक श्री रामेश्वर कुमार महतो, विधायक श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी श्री रिचि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन सहित मंदिर प्रबंधन से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

31 दिसंबर 2028 तक भव्य मंदिर में स्थापित होंगी मां जानकी, पुनौराधाम के विकास को मिल रही नई गति :- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि विधान से माँ जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। पुनौराधाम माँ जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पटना 08 अगस्त 2026 : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में मां जानकी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोचार के बीच विधि विधान से माँ जानकी की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर परिसर स्थित नवनिर्मित अस्थायी काष्ठ मंडपम में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं को स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से माँ सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रस्तावित माँ जानकी मंदिर के मॉडल के माध्यम से मुख्यमंत्री को मंदिर एवं परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, महिला हाट सहित अन्य प्रस्तावित भवनों तथा श्रद्धांलुओं हेतु उपलब्ध करायी जानेवाली सुविधाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर का निर्माण पूर्ण कर माँ जानकी को भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। पुनौराधाम माँ जानकी की जन्मभूमि होने के कारण बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पवित्र धाम का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया स्वीकार। मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर प्रांगण में बज्जिका कला एवं सिक्की कला पर आधारित शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कला एवं शिल्प की विविधता तथा कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की जानकारी ली। पुनौराधाम मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उद्योग एवं खेल तथा सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री श्री नन्द किशोर राम, पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती श्वेता गुप्ता, सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक श्री बैद्यनाथ प्रसाद, विधायक श्रीमती गायत्री देवी, विधायक श्री सुनील कुमार पिंटू, विधायक श्री पंकज कुमार मिश्रा, विधायक प्रोफेसर नागेंद्र राउत, विधायक श्री अनिल कुमार, विधायक श्री रामेश्वर कुमार महतो, विधायक श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक श्री चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी श्री रिचि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन सहित मंदिर प्रबंधन से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Dumra, Sitamarhi | Aug 8, 2026

नूतन सीताराम मंडपम में मां सीता स्थापित🙏

नूतन सीताराम मंडपम में मां सीता स्थापित🙏

Sitamarhi, Bihar | Aug 8, 2026

नूतन सीताराम मंडपम में मां सीता स्थापित

नूतन सीताराम मंडपम में मां सीता स्थापित

Sitamarhi, Bihar | Aug 8, 2026

जंगली जानवरों से होने वाली क्षति पर सरकार देगी आर्थिक सहायता, वन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की

सीतामढ़ी। सीतामढ़ी वन प्रमंडल ने जिले के आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि वन क्षेत्र अथवा उसके आसपास जंगली जानवरों की गतिविधि से संबंधित किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दें। विभाग ने कहा है कि जंगली जानवरों से फसल, संपत्ति अथवा जान-माल को नुकसान होने पर पीड़ित परिवारों को सरकार के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जाती है।
वन प्रमंडल पदाधिकारी वन विभाग की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि बिहार सरकार किसानों एवं वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जंगली जानवरों के कारण होने वाली क्षति की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा या सहायता राशि का प्रावधान किया गया है।
मानव क्षति पर सहायता राशि
बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ एवं घड़ियाल आदि वन्यजीवों द्वारा शारीरिक क्षति होने की स्थिति में—
मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता पर ₹10 लाख
गंभीर रूप से घायल होने पर ₹1.44 लाख
सामान्य रूप से घायल होने पर ₹24 हजार की सहायता राशि का प्रावधान है।
पालतू पशुओं की मृत्यु पर भी सहायता
बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू एवं लकड़बग्घा आदि वन्यजीवों द्वारा पालतू पशुओं को मारे जाने पर भी निर्धारित सहायता दी जाती है। इसके तहत—
भैंस, गाय अथवा बैल की मृत्यु पर ₹24 हजार
भेड़ अथवा बकरी की मृत्यु पर ₹4,800
बकरी की मृत्यु पर ₹7,200 की सहायता राशि निर्धारित है।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर सहायता
हाथी, गौर एवं गैंडा द्वारा मकान को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति में भी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए ₹96 हजार, मिट्टी की दीवार पर खपड़ा/कोरुगेटेड शीट की छत वाले मकान के पूर्ण रूप से नष्ट होने पर ₹48 हजार, पक्के मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹48 हजार, कच्चे मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹24 हजार तथा सामान्य रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए ₹12 हजार की सहायता राशि निर्धारित है।
फसल क्षति पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर
हाथी, घोड़ापड़ास एवं जंगली सूअर द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाए जाने पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।
वन विभाग ने किसानों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवरों के दिखने अथवा किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर स्वयं जोखिम न लें और तत्काल संबंधित वनकर्मियों या वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों एवं मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वन विभाग ने आम लोगों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बरतने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में सहयोग करने की अपील की है।

जंगली जानवरों से होने वाली क्षति पर सरकार देगी आर्थिक सहायता, वन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की सीतामढ़ी। सीतामढ़ी वन प्रमंडल ने जिले के आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि वन क्षेत्र अथवा उसके आसपास जंगली जानवरों की गतिविधि से संबंधित किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दें। विभाग ने कहा है कि जंगली जानवरों से फसल, संपत्ति अथवा जान-माल को नुकसान होने पर पीड़ित परिवारों को सरकार के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जाती है। वन प्रमंडल पदाधिकारी वन विभाग की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि बिहार सरकार किसानों एवं वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जंगली जानवरों के कारण होने वाली क्षति की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा या सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। मानव क्षति पर सहायता राशि बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ एवं घड़ियाल आदि वन्यजीवों द्वारा शारीरिक क्षति होने की स्थिति में— मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता पर ₹10 लाख गंभीर रूप से घायल होने पर ₹1.44 लाख सामान्य रूप से घायल होने पर ₹24 हजार की सहायता राशि का प्रावधान है। पालतू पशुओं की मृत्यु पर भी सहायता बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू एवं लकड़बग्घा आदि वन्यजीवों द्वारा पालतू पशुओं को मारे जाने पर भी निर्धारित सहायता दी जाती है। इसके तहत— भैंस, गाय अथवा बैल की मृत्यु पर ₹24 हजार भेड़ अथवा बकरी की मृत्यु पर ₹4,800 बकरी की मृत्यु पर ₹7,200 की सहायता राशि निर्धारित है। मकान क्षतिग्रस्त होने पर सहायता हाथी, गौर एवं गैंडा द्वारा मकान को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति में भी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए ₹96 हजार, मिट्टी की दीवार पर खपड़ा/कोरुगेटेड शीट की छत वाले मकान के पूर्ण रूप से नष्ट होने पर ₹48 हजार, पक्के मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹48 हजार, कच्चे मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹24 हजार तथा सामान्य रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए ₹12 हजार की सहायता राशि निर्धारित है। फसल क्षति पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर हाथी, घोड़ापड़ास एवं जंगली सूअर द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाए जाने पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। वन विभाग ने किसानों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवरों के दिखने अथवा किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर स्वयं जोखिम न लें और तत्काल संबंधित वनकर्मियों या वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों एवं मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वन विभाग ने आम लोगों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बरतने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में सहयोग करने की अपील की है।

Sitamarhi, Bihar | Aug 8, 2026