पेंशनरों ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो अक्टूबर से आंदोलन
आज दिनांक 18 सितंबर 2026 को सुबह 11.00 बजे हिमाचल प्रदेश के विभागों, बोर्डों व निगमों के 18 प्रमुख संगठनों के सहयोग से गठित 'हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में जिला परिषद हाल बिलासपुर में सम्पन्न हुई।
इस बैठक में चिर लम्बित देनदारियां जैसे छट्ठे वेतन आयोग की संशोधित वेतनमान, पेंशन एरियर के साथ ग्रैच्युटी, कम्यूटेशन व लीव इनकैशमेंट की अदायगी का न होना, 15% मंहगाई राहत/भत्ता (195 माह का एरियर) , लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दूसरे विभागों की तर्ज़ पर 50,000/- रूपये की पहली किस्त की अदायगी, 3% मंहगाई राहत, पेंशन का स्थाई समाधान किया जाना, हर माह की 10 तारीख से पहले पेंशन की अदायगी व हिमाचल पथ परिवहन निगम की 02.10. 1974 की अधिसूचना के नियमों को रद्द करके निगम की परिसम्पतियों को 'स्टेट गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट' में मर्ज करके 'ट्रांसपोर्ट' का दर्जा दिया जाए, शहरी स्थानीय निकाय के पेंशनरों को छट्ठे वेतन आयोग के आधार पर 01.01.2016 से पेंशन की अदायगी करना जबकि उन्हें 01.01.2006 के वेतनमान के आधार पर पेंशन दी जा रही है, बिजली विभाग/बोर्ड के कर्मचारियों को भी अन्य विभागों की तर्ज पर ओ० पी० एस० दी जाए ,पुलिस विभाग के पेंशनरों को सेना के आधार पर कैंटीन सुविधाएं , फ्री मेडिकल की सुविधा दी जाए और उनके आश्रितों को पुलिस विभाग में भर्ती कोटा निर्धारित किया जाए, कार्पोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 1999 की अधिसूचना को बहाल करके, उनको पेंशन की अदायगी देने बारे फैसला लिया जाए।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने 16.09.2026 को जो अधिसूचना जारी की है जिसमें 01.01.2016 से 31.01.2022 तक के संशोधित कम्यूटेशन की अदायगी को बन्द किया गया है, इस अधिसूचना को तुरंत रद्द किया जाए, साथ ही, 'जीवन प्रमाण पत्र' को कवल ओनलाइन पद्धति से जमा करवाने के साथ पुरानी व्यवस्था को को भी यथाशीघ्र जारी रखा जाए।
समिति ने प्रदेश सरकार को 15 दिन का नोटिस देने बारे फैसला लिया गया कि सरकार 15 दिन के अन्दर समिति के शिष्टमंडल को बातचीत करने के लिए आमंत्रित करें अन्यथा प्रदेश के पेंशनर्स अक्टूबर माह से सरकार के विरुद्ध जनजागरण अभियान के अंतर्गत जिलों से लेकर के ब्लॉक स्तर तक छेड़ेंगे और जरुरत पड़ने पर मुख्यमंत्री, उनके मंत्रियों और विधायकों का घेराव किया जाएगा तथा फिर नवम्बर माह की 12 तारीख से प्रत्येक जिला मुख्यालय में कम से कम 11 पेंशनरों को धरने पर बिठाया जाएगा और शेष पेंशनर्स उन्हें सहयोग व वांछित समर्थन देंगे।
यह प्रतिक्रिया धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के शुरू होने तक जारी रहेगी और फिर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उसके बाद फिर भी सरकार न मानी तो शिमला में बैठ करके आमरण अनशन पर बैठने का भी निर्णय लिया गया और फिर सचिवालय का घेराव भी शामिल है। इसी बीच जिला संयोजक, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी और 18 संगठनों के पदाधिकारी अपने स्तर पर पेंशनरों को जागरूक करके आगामी आंदोलन में शामिल होने के तैयार करेंगे।
आज की बैठक में 'हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति' के अतिरिक्त सेक्रेटरी जनरल श्री भूप राम वर्मा ने मंच का संचालन किया और प्रमुख वक्ताओं में सर्वश्री इन्द्र पाल शर्मा, बृजलाल ठाकुर, हिम्मत राम शर्मा, चेत राम वर्मा, रविन्द्र सिंह राणा, मोहन सिंह ठाकुर, हरमेश सिंह राणा, डी० एस० धतवालिया , देवी लाल ठाकुर, देव राज शर्मा, विनोद सूद, सुरेन्द्र ठाकुर, शिव सिंह सैन, बलराम पुरी, प्रभु राम वर्मा, सेठ राम, नरेंद्र शर्मा, जसवंत धीमान, सेन राम नेगी, हेम सिंह ठाकुर, सुशील पुंडीर, श्रीमती रूमा चंदेल, श्रीमती संदेश शर्मा, श्री जय कृष्ण शर्मा, मनोहर ठाकुर, सुभाष पठानिया आदि ने अपना वक्तव्य दिया।