जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय बेहटा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी ने मिड-डे मील की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति एवं शैक्षिक गुणवत्ता देखी
शाहजहांपुर।जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने विकास खण्ड ददरौल के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बेहटा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, साफसफाई की व्यवस्था, मिड-डे मील की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति तथा विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं में साफ सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का वातावरण बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं शिक्षण के अनुकूल होना चाहिए। विद्यालय में पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने विद्यालय में मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराए जाने के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति की भी जांच की। उन्होंने शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने तथा पूरी जिम्मेदारी एवं मनोयोग के साथ बच्चों को शिक्षित करने के निर्देश दिए। विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों की छुट्टी स्वीकृत होने अथवा न होने तथा उनकी अनुपस्थिति की वैधता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के संबंध में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के शैक्षिक एवं मानसिक विकास की नींव है, इसलिए शिक्षकों का दायित्व है कि प्रत्येक बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देते हुए उसकी सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी शैक्षिक प्रगति एवं पढ़ाई के स्तर को जांच की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न प्रश्न पूछे तथा छात्रा से पहाड़े सुने। बच्चों द्वारा दिए गए उत्तरों के आधार पर उन्होंने शिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया और शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी शैक्षिक दक्षताओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कक्षा में बच्चों की सीखने की क्षमता अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में पढ़ाई में तेज बच्चों का समूह बनाकर उन्हें अन्य बच्चों के साथ पढ़ाई एवं अभ्यास कराया जाए, ताकि बच्चों में आपसी सहयोग की भावना विकसित होने के साथ साथ कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति में भी सुधार हो। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रखते हुए उनकी समझ, तार्किक क्षमता और व्यवहारिक ज्ञान को विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि बच्चों की उपस्थिति नियमित कराने के साथ साथ अभिभावकों से भी निरंतर संपर्क रखा जाए। जिन बच्चों का शैक्षिक स्तर अपेक्षाकृत कमजोर है, उनके लिए अतिरिक्त प्रयास करते हुए उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण एवं बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
Shahjahanpur, Shahjahanpur | Sep 15, 2026