नकली सोने के बदले 20 लाख और जेवरात हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एसपी सिटी मानुष पारिक ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी, थाना किला पुलिस ने राजस्थान-अलवर के 3 शातिर पकडे गए
एसपी सिटी ने बताया ‘विश्वास जीतकर ठगी’ का नया पैटर्न: 4 बार असली गिरवी, 5वीं बार नकली मोहरें देकर उड़ाए 20 लाख + चांदी के जेवर, 11 असली सोने की मोहरें बरामद
बरेली थाना किला पुलिस ने सुनारों को नकली सोने की मोहरें देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। बुधवार को एसपी सिटी मानुष पारिक ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर और अलवर से आए 3 शातिर बदमाशों को 01.07.2026 को श्मशान भूमि फाटक के पास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से 11 असली सोने की मोहरें, 4 नकली मोहरें, जेवरात, 3 मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और 10,550 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी मानुष पारिक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी महेन्द्र पुत्र सोहनपाल निवासी भरतपुर, उसका बेटा सुरेश और महिला साथी बब्ली उर्फ बब्बू निवासी अलवर ने बरेली के किला बाजार स्थित प्रकाश ज्वैलर्स के साथ 20 लाख रुपये और चांदी-सोने के जेवरात की ठगी कबूल की है।
एसपी सिटी मानुष पारिक: ऐसे करते थे ठगी
प्रेस वार्ता में एसपी सिटी मानुष पारिक ने बताया कि यह गिरोह “विश्वास जीतकर ठगी” का पैटर्न अपनाता था। पहले महेन्द्र और बब्ली पति-पत्नी बनकर दुकान पर जाते और 3-4 बार असली सोने की मोहरें गिरवी रखकर नकद रुपये और चांदी के जेवर बनवा लेते। जब सुनार को उन पर पूरा भरोसा हो जाता, तो 5वीं बार चांदी की मोहरों पर सोने की परत चढ़ाकर दे देते और 20 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो जाते। पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड इस्तेमाल करते थे। सुरेश और दो अन्य साथी दुकान के आसपास रेकी करते थे।
एसपी सिटी ने बताया कि इसी तरीके से 09.05.2026 को प्रकाश ज्वैलर्स को 190 ग्राम वजन की 19 नकली मोहरें देकर आरोपी 20 लाख रुपये नकद, 432 ग्राम चांदी की पायल-चेन और 10 ग्राम सोने की अंगूठी लेकर भाग गए थे। बिथरी चैनपुर के नरियावल बाजार में सूर्याश ज्वैलर्स को भी 7 नकली मोहरें देकर 5 लाख रुपये और जेवरात ठगे थे। ठगी के पैसों से ही इन्होंने 11 असली सोने की मोहरें खरीदी थीं।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला राज एसपी सिटी मानुष पारिक ने बताया कि वादी विपिन कुमार रस्तोगी की तहरीर पर 05.06.2026 को थाना किला में मु0अ0सं0 206/2026 धारा 318(4)/336(3)/340(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज हुआ था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर और सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 338/3(5)/317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।
बरामदगी व आपराधिक इतिहास बरामदगी: 11 असली सोने की मोहरें, 4 नकली मोहरें, 1 सफेद धातु की चेन, 4 पीली धातु की चूड़ी, 1 अंगूठी, 1 फर्जी आधार कार्ड, 6 डायरी, 3 मोबाइल, 10,550 रुपये नकद।
आपराधिक इतिहास: तीनों आरोपियों पर बरेली के थाना किला और बिथरी चैनपुर में धोखाधड़ी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
एसपी सिटी मानुष पारिक ने व्यापारियों से अपील की है कि जेवर गिरवी रखते समय पूरी जांच-पड़ताल करें और फर्जी आईडी पर लेनदेन न करें।