#मशोबरा स्कूल में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की झलक, हिमाचल–केरल की संस्कृति और स्वाद का अनूठा संगम
शिमला: राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मशोबरा में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत आज एक भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश और केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला और पारंपरिक व्यंजनों का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बनवारी लाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की विद्यालय प्रभारी डॉ. अनुकंपा ठाकुर ने इसके उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को देश की विविध संस्कृतियों से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को सशक्त बनाती है।
प्रदर्शनी की शुरुआत छात्राओं समृता और साक्षी ने क्रमशः केरल और हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा में दोनों राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए की, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। विद्यालय के चारों सदनों—डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदन, जनरल बिपिन रावत सदन, कल्पना चावला सदन तथा मेजर ध्यानचंद सदन—के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लेते हुए दोनों राज्यों की संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने हिमाचली धाम और केरल सद्या के पारंपरिक व्यंजनों का न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि उनके निर्माण की प्रक्रिया भी दर्शाई। हिमाचल के सिड्डू, मक्की की रोटी, मदरा, सेपू बड़ी, बबरू जैसे व्यंजन और केरल के अप्पम, पुट्टू, अवियल, पायसम व केले के चिप्स दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने। इसके साथ ही हिमाचल की पहाड़ी लघु चित्रकला और केरल की कथकली मास्क निर्माण कला का भी सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
प्रधानाचार्य श्री बनवारी लाल ने अपने संबोधन में कहा कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत हमारी विविधता में एकता का सशक्त प्रतीक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान, समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं।”
कार्यक्रम में डॉ. धर्म प्रकाश, उपासना देष्टा और श्री मोहन लाल (प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा) ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इस आयोजन को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का समापन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सुदृढ़ करने तथा सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।