गोंडा के रामगणेश पाल की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि राजनितिक साजिश में हुई हत्या #viralvideo
बेटे द्वारा लिखा गया शिकायती पत्र
सेवा में,
श्रीमान
पुलिस अधीक्षक महोदय
जनपद – गोंडा, उत्तर प्रदेश
विषय: जिला कारागार गोंडा में निरुद्ध मेरे पिता रामगनेश पुत्र राम लखन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने के संबंध में।
महोदय,
सादर निवेदन है कि मेरे पिता रामगनेश पुत्र राम लखन, अभियोग संख्या 151/2019, धारा _307,504,506, sc/st के मुकदमे में दिनांक 28/06/2026 से जिला कारागार गोंडा में निरुद्ध थे।
जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मेरे पिता की अचानक तबीयत खराब हुई। परिवार को गंभीर आशंका है कि मेरे पिता को जेल के खाने में “स्वीट पॉयजन” दिए जाते थे जेल मुलाकात के दौरान कोई बार बिहोस भी हो चुके थे है, जेल प्रशासन के संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों, जेल चिकित्सकों तथा मुकदमे से संबंधित विपक्षी दिनशे प्रताप सिंह उर्फ विक्की वा अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत के कारण मेरे पिता को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा तथा उनके उपचार में जानबूझकर लापरवाही की गई।
तबीयत बिगड़ने के बाद मेरे पिता को लखनऊ मेडिकल कॉलेज/केजीएमयू रेफर किया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पूर्व परिजनों को समुचित जानकारी नहीं दी गई और उनकी सहमति के बिना ऑपरेशन कर दिया गया जिससे मेरे पिता की मृत्यु हो गई।
इससे पहले पार्थी ने जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर ऑपरेशन न किये जाने की वा मृत्यु के संबंध में आपत्ति जताई थी l
मेरे पिता की मृत्यु के पश्चात दिनेश प्रताप उर्फ विक्की सिंह अस्पताल में मेरे पिता को देखने आया था। उसके बाद परिवार के लोगों को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। इन सभी परिस्थितियों के कारण परिवार को आशंका है कि मेरे पिता की मृत्यु सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है तथा इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश, मिलीभगत, विषैले पदार्थ जैसे (स्वीट पॉयजन )का सेवन कराए जाने अथवा जानबूझकर उपचार में लापरवाही की भूमिका पाई जा रही है l प्रार्थी ने तुरंत लखनऊ चौक मेडिकल कॉलेज थाना में जाकर पूरी जानकारी/प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई l
विपक्षी व्यक्तियों ने जेल विभाग के कुछ अधिकारियों/चिकित्सकों से मिलीभगत कर आर्थिक लाभ देकर मेरे पिता के साथ गलत व्यवहार अथवा उनकी मृत्यु के आरोपों की सत्यता का निर्धारण निष्पक्ष जांच से ही संभव है।
अतः श्रीमान जी से अत्यंत विनम्र निवेदन है कि न्यायहित में निम्नलिखित कार्रवाई तत्काल करने की कृपा करें—
1. मेरे पिता रामगनेश पुत्र राम लखन की जेल में निरुद्ध होने से लेकर मृत्यु तक की पूरी घटना की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी/स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए।
2. मेरे पिता की मृत्यु के संबंध में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर संबंधित दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।
3. जिला कारागार गोंडा में मेरे पिता को दी गई सभी दवाइयों, इंजेक्शनों एवं उपचार का पूरा विवरण प्राप्त कर उसकी जांच कराई जाए।
4. जेल के मेडिकल रिकॉर्ड, मेडिकल रजिस्टर, दवा वितरण रजिस्टर, डॉक्टरों की रिपोर्ट तथा अन्य संबंधित अभिलेख तत्काल सुरक्षित कराए जाएं।
5. लखनऊ मेडिकल कॉलेज/केजीएमयू के भर्ती रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, ऑपरेशन नोट, उपचार संबंधी दस्तावेज, डॉक्टरों की राय एवं मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित कराकर स्वतंत्र रूप से जांचा जाए।
6. मेरे पिता के शरीर में किसी विषैले अथवा हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी की संभावना की जांच हेतु उपलब्ध विसरा/अन्य संरक्षित नमूनों की फोरेंसिक एवं टॉक्सिकोलॉजी जांच कराई जाए।
7. यह जांच की जाए कि मेरे पिता का ऑपरेशन किन चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया गया तथा परिजनों को इसकी सूचना और सहमति के संबंध में क्या प्रक्रिया अपनाई गई।
8. जिला कारागार एवं अस्पताल में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, विजिटर रिकॉर्ड, कॉल/अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेज तत्काल सुरक्षित कराए जाएं, ताकि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।
Gonda, Gonda | Sep 30, 2026