पीएम सूर्य घर योजना को लेकर जिला पदाधिकारी सख्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई।
जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना' के पारदर्शी और तीव्र क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह कराया जा रहा है।जिला पदाधिकारी महोदय श्री शेखर आनंद द्वारा योजना की प्रगति को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम जनता को इस योजना का अधिकतम लाभ मिले, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को सख्त निर्देश दिए कि पोर्टल पर जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन लंबित आवेदनों की यथाशीघ्र स्थल जांच कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादित कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने हिदायत दी कि योजना के क्रियान्वयन या आवेदनों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह योजना घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों के बिजली बिल को 'शून्य' करना और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। यह सरकारी सब्सिडी केवल घरेलू कनेक्शन धारकों के लिए ही मान्य है। व्यावसायिक या औद्योगिक कनेक्शनों पर सब्सिडी देय नहीं होगी।
यह योजना के तहत 3 kW या उससे अधिक क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर अधिकतम ₹78,000 तक की सरकारी सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस योजना के तहत 1 kW: कुल लागत ₹70,000 | सब्सिडी ₹30,000 | शुद्ध लागत ₹40,000
2 kW: कुल लागत ₹1,40,000 | सब्सिडी ₹60,000 | शुद्ध लागत ₹80,000
3 kW कुल लागत ₹2,10,000 | सब्सिडी ₹78,000 | शुद्ध लागत ₹1,32,000 शेखपुरा के उपभोक्ता का बिजली बिल हुआ 'शून्य'
योजना की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण शेखपुरा जिले से ही सामने आया है। दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के अंतर्गत हुसैनाबाद (शेखपुरा) के उपभोक्ता श्री अजय कुमार (उपभोक्ता संख्या 23810003797) ने अपने घर पर 3 KW का ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट लगवाया। नेट-मीटरिंग प्रणाली के तहत उनके सोलर प्लांट ने बिजली ग्रिड को उपभोक्ता की खपत से ज्यादा बिजली जनरेट करके दी, जिसके परिणामस्वरूप उनका वर्तमान माह का बिजली बिल ₹0.00 (शून्य) आया है और अतिरिक्त बची हुई बिजली उनके खाते में भविष्य के समायोजन के लिए सुरक्षित जमा हो गई है।
आसान लोन और तकनीकी लाभ
आसान EMI एवं बैंक लोन उपभोक्ता को कुल लागत का मात्र 10% (अग्रिम जमा) देना होता है। शेष राशि 'जन समर्थ पोर्टल' (www.jansamarth.in) के माध्यम से लगभग 6% की बहुत ही सस्ती ब्याज दर पर डिजिटल लोन के रूप में मिल जाती है। हर महीने बिजली बिल में होने वाली ₹3,000 से अधिक की बचत से लोन की EMI आसानी से निकल जाती है। सोलर पैनल्स पर 25 वर्षों की परफॉर्मेंस वारंटी, इन्वर्टर पर 5 वर्ष की वारंटी तथा 5 साल तक मुफ़्त रखरखाव की सुविधा मिलती है।छत का बेहतर इस्तेमाल पर सोलर पैनल 5 से 7.5 फीट की ऊंचाई पर लगाए जाते हैं, जिससे छत की जगह कपड़े सुखाने या अन्य घरेलू कार्यों के लिए खाली रहती है। इच्छुक उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय सोलर पोर्टल www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने और वेंडर चयन के बाद बिजली विभाग द्वारा नेट-मीटर लगाया जाता है, जिसके 30 दिनों के भीतर सब्सिडी राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
Sheikhpura, Sheikhpura | Jul 28, 2026