राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का महापौर अर्चना वर्मा ने जनपद में किया शुभारम्भ
जनपद में 1 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों और किशोर - किशोरी को दवा खिलाने का अभियान शुरू
शाहजहांपुर । राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन शहर के डॉ सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज शाहजहांपुर में माननीय महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने फीता काटकर व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया | कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्वयं दवा खाकर अभियान की शुरुआत की | तत्पश्चात महापौर व जिला अधिकारी ने बच्चों को दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर महापौर ने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। बच्चों के स्वस्थ एवं निरोगी रहने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है तथा वे अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जिससे बच्चों में कमजोरी, थकान, भूख में कमी तथा पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए कृमि संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम में बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को निर्धारित आयु के अनुसार कृमिनाशक दवा का सेवन कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक हों और अपने बच्चों के साथ-साथ परिवार तथा आस-पास के लोगों को भी कृमिनाशक दवा का सेवन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक जागरूकता और सहभागिता से ही कृमि संक्रमण से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है और बच्चों को स्वस्थ, सशक्त एवं कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया एवं एआई के सदुपयोग, एल्गोरिथम के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी लोग सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं एल्बेंडाजॉल की दवा के संबंध में सही जानकारी प्राप्त करें तथा अपने घर-परिवार एवं आसपास के लोगों को भी दवा खिलाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं जनहित में उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाई जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि पेट के कीड़े (कृमि) बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। कीड़े पेट में रहने से बच्चों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और बच्चे कई तरह की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। बच्चों में एनीमिक और कुपोषित होने का एक बड़ा कारण पेट के कीड़े ही हैं। यह कीड़े मनुष्य की आंत में रहते हैं और जीवित रहने के लिए शरीर के जरूरी पोषक तत्व को खाते रहते हैं, इस वजह से बच्चे एनीमिया और कुपोषण के शिकार हो जाते हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि पेट के कीड़े निकालने की दवा बच्चों-किशोरों को खाली पेट नहीं खिलाई जाती है और बीमार बच्चों को भी दवा नहीं खिलानी चाहिए ।उन्होंने बताया कि जनपद में 1 से 19 वर्ष तक की आयु के लगभग 16.88 लाख बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 1 से 2 वर्ष तक की आयु के बच्चों को 200 मिलीग्राम अर्थात आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 400 मिलीग्राम अर्थात पूरी गोली खिलाई जानी है। छोटे बच्चों को गोली पीसकर खिलाई जाएगी, जबकि बड़े बच्चे एवं किशोर-किशोरियां गोली को चबाकर खाएंगे।
उन्होंने बताया कि 11 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर किसी कारणवश जो बच्चे एल्बेंडाजॉल की दवा खाने से वंचित रह गए हैं, उन्हें 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस के अवसर पर एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी। बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजॉल की गोली सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त/निजी विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय न जाने वाले बच्चों को भी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी।इस अवसर पर आरबीएसके नोडल डॉ जफर डी एच ई आई ओ अफरोज अहमद , सन्तोष कुमार, कॉलेज के प्रबंधक राजेश शर्मा,प्रधानाचार्य राखी मिश्रा सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
Archna Verma
Dynamite News Hindi