क्या वास्तव में गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र नेता नकल-विहीन परीक्षा चाहते हैं, या फिर पूरा मामला कुछ और ही है? जो भी हो, लेकिन दबी जुबान में सामने आ रही चर्चाएं कई अलग तरह के सवाल खड़े कर रही हैं।
इस बीच, मामले की जांच के तहत पुलिस ने दो अधिकारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। वहीं, अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, कीर्तिनगर पुलिस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है और जांच जारी है।