सोलन में ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को सिखाया जैविक कंपोस्टिंग का तरीका
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में **Earth Healers Foundation** लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में फाउंडेशन की ओर से **ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट** के तहत कुमारहट्टी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में जैविक कंपोस्टिंग को लेकर विशेष प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को बताया गया कि घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के **किचन वेस्ट यानी जैविक कचरे** को किस तरह उपयोगी खाद में बदला जा सकता है। बच्चों को समझाया गया कि हर कचरा बेकार नहीं होता, बल्कि सही तरीके से प्रबंधन करने पर यही कचरा मिट्टी के लिए उपयोगी संसाधन बन सकता है।
Earth Healers Foundation पहले से ही **खील जाशली गांव में किचन वेस्ट के लिए ऑर्गेनिक कंपोस्टिंग सुविधा** चला रही है, जो पिछले एक साल से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
फाउंडेशन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण की बातें करना नहीं, बल्कि **व्यावहारिक समाधान को जमीन पर लागू कर बदलाव लाना** है। इसी सोच के तहत स्कूलों और समुदायों को कचरा प्रबंधन के सरल और प्रभावी तरीकों से जोड़ा जा रहा है।
फाउंडेशन के मुताबिक, जब एक बच्चा कंपोस्टिंग सीखता है तो उसका असर सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहता। बच्चा अपने परिवार को कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित कर सकता है और धीरे-धीरे यही सोच पूरे समुदाय तक पहुंच सकती है।
Earth Healers Foundation का मानना है कि **एक स्कूल, एक बच्चा और एक समुदाय से शुरू हुआ छोटा कदम भी भविष्य में बड़े पर्यावरणीय बदलाव की नींव बन सकता है।**
कुमारहट्टी स्कूल में इस पहल को मिली सराहना को फाउंडेशन ने अपने **ग्रीन स्कूल अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि** बताया है।
फाउंडेशन का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को केवल जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें **व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराकर बदलाव का हिस्सा बनाना** है।
Solan, Solan | Sep 26, 2026