रीवा वायरल वीडियो का सच आया सामने! महिला ने आरोपों को बताया पूरी तरह 'फेक' और भ्रामक 🚨 | छवि धूमिल करने की थी साजिश?
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के पीए (PA) से जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित वीडियो विवाद में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है! कथित पीड़ित बताई जा रही महिला ने स्वयं सामने आकर इस पूरे नैरेटिव को सिरे से खारिज कर दिया है। 🛑
महिला के बयान के मुख्य बिंदु:
10 साल पुराना पारिवारिक रिश्ता: महिला ने स्पष्ट किया कि उनके और पीए के बीच पिछले 10 वर्षों से भाई-बहन जैसे गहरे पारिवारिक संबंध हैं।
तीसरे पक्ष की घिनौनी चाल: उनके बीच हुए एक बेहद मामूली और निजी मतभेद का फायदा उठाकर किसी तीसरे व्यक्ति ने दुर्भावना के तहत वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे गलत संदर्भ में वायरल कर दिया। 📱❌
होटल और पुलिस प्रताड़ना के दावे झूठे: महिला ने होटल में किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार और पुलिस द्वारा परेशान किए जाने के दावों को 'पूर्णतः असत्य' बताया है।
सभी शिकायतें वापस: संवादहीनता के कारण जो गलतफहमी हुई थी, वह अब आपसी बातचीत से सुलझ चुकी है और महिला ने अपने सारे आवेदन वापस ले लिए हैं।
महिला ने अपनी और अपने पारिवारिक मित्र की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाले शरारती तत्वों और सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई (IT Act) करने की बात कही है। यह मामला साफ करता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती! 🧐
इस पूरे घटनाक्रम और सोशल मीडिया ट्रायल पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर साझा करें! 👇
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