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जिला पंचायत सीईओ की संवेदनशील पहल से पांच अनाथ बच्चों को मिला आधार कार्ड शिक्षा और योजनाओं का खुला रास्ता जिला स्तरीय जनसुनवाई में 192 आवेदनों पर हुई सुनवाई ---------- जिले में संवेदनशील प्रशासन और मानवीय पहल की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया की सक्रिय पहल से गौरिहार तहसील के ग्राम करहरी (पोस्ट मुड़हरा) निवासी एक ही परिवार के पांच अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के आधार कार्ड बनवाए गए। इसके साथ ही अब बच्चों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। माता-पिता के निधन के बाद पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में ये बच्चे लंबे समय से सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। समस्या से परेशान होकर बच्चों के दादा जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुंचे और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। UIDAI राज्य कार्यालय, भोपाल के मार्गदर्शन में जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस राहुल तिवारी के माध्यम से बच्चों के बड़े पापा को कानूनी अभिभावक घोषित कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। चूंकि आधार पंजीयन के लिए सामान्यतः माता-पिता का आधार और बायोमेट्रिक आवश्यक होता है, इसलिए इस विशेष मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से कानूनी अभिभावक का प्रमाण-पत्र जारी कराया गया। इसके बाद सभी पांच बच्चों का आधार पंजीयन कराया गया तथा आवश्यक जानकारी UIDAI के क्षेत्रीय निदेशक को भेजी गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड जारी कर दिए। आधार कार्ड जारी होने के बाद जिला पंचायत सीईओ द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बच्चों एवं उनके चाचा से संवाद किया और उन्हें आधार कार्ड उपलब्ध कराए। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना सहित शिक्षा एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। आधार कार्ड मिलने पर बच्चों के बड़े पापा ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले में अनाथ बच्चों के लिए बाल कल्याण समिति के माध्यम से कानूनी अभिभावक घोषित कर आधार कार्ड बनवाने की यह पहल लगातार सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिससे ऐसे बच्चों को समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। जि.पं. सीईओ ने दिव्यांगो की समस्याएं अलग से सुनी मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई सम्पन्न हुई। जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम श्री विनय द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी सहित विभागीय जिलाधिकारी उपस्थित रहे और व्हीसी के माध्यम से जिले के अनुभागों के एसडीएम एवं तहसीलदार जुडे़ रहे। जिला पंचायत सीईओ एंव एडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त 192 शिकायती आवेदनों का परीक्षण करते हुये संबंधित विभाग को आवेदन निराकरण करने के लिए निर्देशित किया एवं समस्याओं को सुना। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Sagar Commissioner Collector Office Chattarpur #chhatarpur

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"दलित की जमीन चाहिए या कानून का डर खत्म हो गया? जमीन नहीं मिली तो सरिया-कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप" पैर तोड़ा,सिर फोड़ा 

छतरपुर। जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र के रसुईया तिराहे पर जमीन विवाद ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 3.30 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से कुछ दबंगों ने दलित परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में धनीराम अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, बहादुर सिंह, शेलू सिंह और माधव सिंह परमार पर सरिया और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगाया गया है। हमले में धनीराम के सिर, हाथ, कंधे और पैर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी मां टट्टू बाई अहिरवार भी हमले का शिकार हुईं।

धनीराम अहिरवार का कहना है कि उनकी सड़क किनारे स्थित 3 एकड़ 20 डिस्मल जमीन पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जमीन बेचने और छोड़ने के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि उन्होंने साफ कर दिया था कि जमीन उनकी है और वे उसे न तो बेचेंगे और न किसी को देंगे। इसके बावजूद कथित रूप से दबाव और विवाद जारी रहा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था और शिकायतें की गई थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था? क्या दलित परिवार की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो यह नौबत आती?

अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है। क्योंकि जब जमीन की लड़ाई में सरिया और कुल्हाड़ी चलने लगें, तो मामला सिर्फ विवाद नहीं बल्कि कानून के शासन की परीक्षा बन जाता है।

नोट: यह खबर पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

"दलित की जमीन चाहिए या कानून का डर खत्म हो गया? जमीन नहीं मिली तो सरिया-कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप" पैर तोड़ा,सिर फोड़ा छतरपुर। जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र के रसुईया तिराहे पर जमीन विवाद ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 3.30 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से कुछ दबंगों ने दलित परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में धनीराम अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, बहादुर सिंह, शेलू सिंह और माधव सिंह परमार पर सरिया और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगाया गया है। हमले में धनीराम के सिर, हाथ, कंधे और पैर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी मां टट्टू बाई अहिरवार भी हमले का शिकार हुईं। धनीराम अहिरवार का कहना है कि उनकी सड़क किनारे स्थित 3 एकड़ 20 डिस्मल जमीन पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जमीन बेचने और छोड़ने के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि उन्होंने साफ कर दिया था कि जमीन उनकी है और वे उसे न तो बेचेंगे और न किसी को देंगे। इसके बावजूद कथित रूप से दबाव और विवाद जारी रहा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था और शिकायतें की गई थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था? क्या दलित परिवार की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो यह नौबत आती? अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है। क्योंकि जब जमीन की लड़ाई में सरिया और कुल्हाड़ी चलने लगें, तो मामला सिर्फ विवाद नहीं बल्कि कानून के शासन की परीक्षा बन जाता है। नोट: यह खबर पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Aug 4, 2026

जिला पंचायत सीईओ की संवेदनशील पहल से पांच अनाथ बच्चों को मिला आधार कार्ड

शिक्षा और योजनाओं का खुला रास्ता

जिला स्तरीय जनसुनवाई में 192 आवेदनों पर हुई सुनवाई
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जिले में संवेदनशील प्रशासन और मानवीय पहल की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया की सक्रिय पहल से गौरिहार तहसील के ग्राम करहरी (पोस्ट मुड़हरा) निवासी एक ही परिवार के पांच अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के आधार कार्ड बनवाए गए। इसके साथ ही अब बच्चों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
माता-पिता के निधन के बाद पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में ये बच्चे लंबे समय से सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। समस्या से परेशान होकर बच्चों के दादा जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुंचे और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। UIDAI राज्य कार्यालय, भोपाल के मार्गदर्शन में जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस राहुल तिवारी के माध्यम से बच्चों के बड़े पापा को कानूनी अभिभावक घोषित कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। चूंकि आधार पंजीयन के लिए सामान्यतः माता-पिता का आधार और बायोमेट्रिक आवश्यक होता है, इसलिए इस विशेष मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से कानूनी अभिभावक का प्रमाण-पत्र जारी कराया गया।
इसके बाद सभी पांच बच्चों का आधार पंजीयन कराया गया तथा आवश्यक जानकारी UIDAI के क्षेत्रीय निदेशक को भेजी गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड जारी कर दिए।
आधार कार्ड जारी होने के बाद जिला पंचायत सीईओ द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बच्चों एवं उनके चाचा से संवाद किया और उन्हें आधार कार्ड उपलब्ध कराए।
जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना सहित शिक्षा एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।
आधार कार्ड मिलने पर बच्चों के बड़े पापा ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले में अनाथ बच्चों के लिए बाल कल्याण समिति के माध्यम से कानूनी अभिभावक घोषित कर आधार कार्ड बनवाने की यह पहल लगातार सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिससे ऐसे बच्चों को समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।

जिला पंचायत सीईओ की संवेदनशील पहल से पांच अनाथ बच्चों को मिला आधार कार्ड शिक्षा और योजनाओं का खुला रास्ता जिला स्तरीय जनसुनवाई में 192 आवेदनों पर हुई सुनवाई ---------- जिले में संवेदनशील प्रशासन और मानवीय पहल की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया की सक्रिय पहल से गौरिहार तहसील के ग्राम करहरी (पोस्ट मुड़हरा) निवासी एक ही परिवार के पांच अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के आधार कार्ड बनवाए गए। इसके साथ ही अब बच्चों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। माता-पिता के निधन के बाद पहचान संबंधी दस्तावेजों के अभाव में ये बच्चे लंबे समय से सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। समस्या से परेशान होकर बच्चों के दादा जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुंचे और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। UIDAI राज्य कार्यालय, भोपाल के मार्गदर्शन में जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस राहुल तिवारी के माध्यम से बच्चों के बड़े पापा को कानूनी अभिभावक घोषित कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। चूंकि आधार पंजीयन के लिए सामान्यतः माता-पिता का आधार और बायोमेट्रिक आवश्यक होता है, इसलिए इस विशेष मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से कानूनी अभिभावक का प्रमाण-पत्र जारी कराया गया। इसके बाद सभी पांच बच्चों का आधार पंजीयन कराया गया तथा आवश्यक जानकारी UIDAI के क्षेत्रीय निदेशक को भेजी गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड जारी कर दिए। आधार कार्ड जारी होने के बाद जिला पंचायत सीईओ द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बच्चों एवं उनके चाचा से संवाद किया और उन्हें आधार कार्ड उपलब्ध कराए। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना सहित शिक्षा एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। आधार कार्ड मिलने पर बच्चों के बड़े पापा ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले में अनाथ बच्चों के लिए बाल कल्याण समिति के माध्यम से कानूनी अभिभावक घोषित कर आधार कार्ड बनवाने की यह पहल लगातार सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिससे ऐसे बच्चों को समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।

Chhatarpur, Madhya Pradesh | Aug 4, 2026

छतरपुर।प्रिंसिपल के खिलाफ छात्राओं ने जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा

छतरपुर।प्रिंसिपल के खिलाफ छात्राओं ने जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा

Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Aug 4, 2026

छतरपुर में भाई पर निजी जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार

छतरपुर। जिले के एक ग्रामीण ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपने छोटे भाई और उसके सहयोगियों पर निजी रूप से खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, पीड़ित के पिता श्री लखन राजपूत ने वर्ष 2015 में अपनी पैतृक भूमि का विक्रय कर परिवार के सदस्यों के बीच राशि का बंटवारा कर दिया था। पीड़ित का कहना है कि उसने अपने हिस्से की राशि से विधिवत रजिस्ट्री कराकर जमीन खरीदी थी, जबकि उसके छोटे भाई को भी राशि मिली थी, जिसे उसने कथित रूप से जुआ और शराब की लत के कारण खर्च कर दिया।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अब छोटा भाई कुछ लोगों के बहकावे में आकर पीड़ित की निजी स्वामित्व वाली भूमि में हिस्सा मांग रहा है और जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित ने पिंकू तिवारी निवासी बगोत पर भी छोटे भाई को उकसाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं तथा खेत पर जबरन पहुंचकर विवाद की स्थिति बनाई जा रही है। इससे परिवार में भय का माहौल है और किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है।

पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसकी वैधानिक रूप से खरीदी गई भूमि पर कब्जे के प्रयास को रोका जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

छतरपुर में भाई पर निजी जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार छतरपुर। जिले के एक ग्रामीण ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपने छोटे भाई और उसके सहयोगियों पर निजी रूप से खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, पीड़ित के पिता श्री लखन राजपूत ने वर्ष 2015 में अपनी पैतृक भूमि का विक्रय कर परिवार के सदस्यों के बीच राशि का बंटवारा कर दिया था। पीड़ित का कहना है कि उसने अपने हिस्से की राशि से विधिवत रजिस्ट्री कराकर जमीन खरीदी थी, जबकि उसके छोटे भाई को भी राशि मिली थी, जिसे उसने कथित रूप से जुआ और शराब की लत के कारण खर्च कर दिया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अब छोटा भाई कुछ लोगों के बहकावे में आकर पीड़ित की निजी स्वामित्व वाली भूमि में हिस्सा मांग रहा है और जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित ने पिंकू तिवारी निवासी बगोत पर भी छोटे भाई को उकसाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं तथा खेत पर जबरन पहुंचकर विवाद की स्थिति बनाई जा रही है। इससे परिवार में भय का माहौल है और किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसकी वैधानिक रूप से खरीदी गई भूमि पर कब्जे के प्रयास को रोका जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Aug 4, 2026