#देवरिया में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की बैठक, शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय, डीए एरियर, पेंशन, एनपीएस और जीपीएफ समेत कई मुद्दे उठे
#देवरिया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश, जनपद देवरिया की जिला एवं ब्लॉक इकाई की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) देवरिया सदर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने की। बैठक में जनपद के परिषदीय शिक्षकों एवं विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न लंबित वित्तीय, प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके शीघ्र समाधान के लिए रणनीति तय की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण शिक्षकों को आर्थिक एवं प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
◆बैठक में उठाई गईं प्रमुख मांगें
महासंघ ने डीए एरियर एवं अन्य सभी लंबित देयों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही प्रत्येक माह समयबद्ध तरीके से एरियर भुगतान की व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य देयों से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने की मांग की गई।
एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) के तहत लंबित अंशदान की धनराशि शिक्षकों के प्राण खातों में जमा कराने, अभिलेखों को अद्यतन करने तथा शिक्षकों की सहमति के अनुरूप लाभप्रद पेंशन योजनाओं में निवेश सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अलावा जीपीएफ खातों को अद्यतन करने, जीपीएफ ऋण का समयबद्ध भुगतान कराने तथा जिन शिक्षकों को अभी तक प्राण किट प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई।
◆शिक्षक समायोजन और गैर-शैक्षणिक कार्यों पर भी उठे सवाल
बैठक में शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं शासनादेशों के अनुरूप संपन्न कराने, चयन वेतनमान एवं बीएलओ संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई।
संगठन ने बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग रखी। इसके साथ ही एक दिन के वेतन कटौती सहित सभी लंबित मामलों का समाधान कर शिक्षकों को उनका देय लाभ प्रदान करने पर जोर दिया गया।
महासंघ ने कहा कि शिक्षकों को आधार निर्माण, फैमिली आईडी तथा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों के अनावश्यक दबाव से मुक्त किया जाए, ताकि वे पूरी क्षमता के साथ शिक्षण कार्य कर सकें। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में नियमित सफाई कर्मियों की उपलब्धता तथा समय पर पुस्तक एवं कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की भी मांग की गई।
◆क्या बोले पदाधिकारी
जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सदैव शिक्षकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की वित्तीय, सेवा एवं प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से आगे की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होगा।
जिला सहसंयोजक विवेक मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों को विभागीय विलंब और गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलनी चाहिए। शासन की मंशा के अनुरूप यदि लंबित मामलों का पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण होता है तो इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनेगी।
◆अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग
बैठक के अंत में संगठन ने संबंधित अधिकारियों से शिक्षकों एवं विद्यालयों से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की तथा विश्वास जताया कि प्रशासन इस दिशा में सकारात्मक एवं प्रभावी कदम उठाएगा।
बैठक में गोविन्द सिंह, अशोक तिवारी, आशुतोष चतुर्वेदी, शिखर शिवम, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, शशांक मिश्र, प्रमोद कुशवाहा, ज्ञानेश यादव, अभिषेक जायसवाल, वागीश मिश्र, रजनीकांत त्रिपाठी, रामबालक सिंह, संतोष कुमार गुप्ता, मनोज सिंह, एहसान-उल-हक, आनंद सिंह, जितेन्द्र यादव, सुनीत तिवारी, राजेश सिंह, माखन लाल, प्रवीन यादव, अमरेन्द्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
DM Deoria