मस्जिदों के डिमोलिशन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव।
भारतीय मुस्लिम सांसद और विधायक प्रधानमंत्री से मिलकर हस्तक्षेप और कार्रवाई पर रोक की मांग करें।
रांची: भारतीय मुसलमानों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सरकारों की भूमिक विषय पर आज दिनांक 12 जुलाई 2026 को प्रेस क्लब रांची में आमया संगठन के द्वारा परिचर्चा कार्यक्रम किया गया।
विषय प्रवेश कराते हुए आमया संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष एस अली ने कहा कि संविधान की अनुच्छेद 25 एवं 26 सभी नागरिकों को अपना धर्म मानने और धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार देता है, वही पूजा स्थल अधिनियम 1991 देश की आजादी 1947 से जो धार्मिक स्थल जिस स्थिति में है उसे बरकार रखने का निर्देश देता है।
उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और पूर्वोत्तर राज्यों में 02 दर्जनों से अधिक सदियों पुरानी मस्जिदों और दूसरे मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया गया है और डिमोलिशन की कार्रवाई लगातार जारी है, डिमोलिशन के पूर्व मस्जिद प्रबंधन समिति या समुदाय के लोगो को ना तो विश्वास में लिया गया और ही नोटिस देकर समुचित दस्तावेज एवं साक्ष्य दिखाने का अवसर दिया गया बल्कि पुलिस बल लगाकर एकतरफा कार्रवाई किया गया जो संवैधानिक प्रक्रिया और कानून का खुला उल्लंघन है।
डिमोलिशन पर सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों पर पक्षों को सुनने का अवसर दिए जाए साथ ही इसका अनुपालन नही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो लेकिन इसका पालन नही हो रहा है।
मजलिस ए उलेमा झारखंड के अध्यक्ष मौलान साबिर मजाहिरी, मौलान जियाउल होदा नदवी ने विपक्षी दलों और सांसद, विधायक की खामोशी पर सवाल उठाते हुए भारतीय मुस्लिम सांसदों और विधायकों से दलगत नीति से उपर उठकर डेलिगेशन बनाकर प्रधानमंत्री से मिलकर कार्रवाई पर रोक की पहल करने की मांग किया।
परिचर्चा में मुस्लिम धार्मिक स्थलों की ध्वस्तिकरण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया।
परिचर्चा का संचालन आमया के केन्द्रीय प्रभारी जियाउद्दीन अंसारी और धन्यवाद ज्ञापन केन्द्रीय सचिव नौशाद आलम ने किया।
परिचर्चा को आमया संगठन के केन्द्रीय उपाध्यक्ष मो फुरकान, केन्द्रीय महासचिव रहमतुल्लाह अंसारी, समाजिक कार्यकर्ता तनवीर अहमद, इंजिनियर मोहम्मद अली, बाबर, मौलान फारूक आजम, इरशाद इमाम, अरशद अयुब, मोहसिन हव्वारी, अंजुम खान, सैयद एकबाल, इम्तियाज सोनू, औरंगजेब आलम, रहीम अंसारी, मो हारिश, आरिफ अंसारी, असरार आलम, अमीन अंसारी, सबदुल मल्लिक, खालिद अंसारी, मकबूल अंसारी, एकराम अंसारी, अब्दुल बारिक, सिद्दीक अंसारी, अफसर अंसारी, नसीम अंसारी, सद्दाम हुसैन, मो गुलजार, मो इस्तियाक, गाजी सलाउद्दीन, अदनान हुसैन, शहबाज आलम, इमरोज अंसारी, अब्दुल मजीद, मौनव्वर हुसैन, सरफराज अहमद, आसिफ समीर, मो आलउद्दीन, हाजी अल्ताफ, इस्लाम अंसारी, रफीक अंसारी, एजाज अंसारी, मुरशीद अंसारी, सुलतान अंसारी, जावेद अंसारी,
खलील खान, अफताब अंसारी, फजलूल कदीर अहमद मो नासिर, मो परवेज सहित अन्य ने अपनी बातों को रखा।
Namkum, Ranchi | Jul 12, 2026