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क्या पहले से पता था केदारनाथ आपदा के बारे में ? #uttarakhand #hillynews #astrology #wednesday

Dehradun, Dehradun | Mar 12, 2026

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आखिर कब सुधरेंगे लोग! घनसाली के घटघड़ा पुंडोली में उफनती नदी में बेवजह अपनी जान जोखिम में डालता व्यक्ति...

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Dehradun, Dehradun | Aug 7, 2026

#चंपावत मे राष्ट्रीय दलों को चुनौती देने के लिए #आईआईटियन सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने ठोकी मजबूर ताल!
#followerseveryonehighlights

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Dehradun, Dehradun | Aug 7, 2026

#देहरादून_में_सात_दिवसीय_श्रीमद्_भागवत_कथा_ज्ञान_यज्ञ_का_भव्य_शुभारंभ_शहर_में_निकली अलौकिक भव्य कलश यात्रा।

#देहरादून, देवभूमि आज पूरी तरह से भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था जी.एम.एस. रोड स्थित प्रतिष्ठित 'द वायसराय ग्रैंड' (The Viceroy Grand) में आयोजित होने वाले भव्य सात दिवसीय 'श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का। आज, 7 अगस्त से शुरू हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत से पहले सुबह एक विशाल और अलौकिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय कर दिया।

पीतांबर वस्त्रों में सजी महिलाओं ने उठाई मंगल कलश की कमान।

 कथा के मुख्य सत्र की शुरुआत से पहले जी.एम.एस. रोड स्थित इस भव्य कलश यात्रा का मंगल आरंभ हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं पीतांबर (पीले) और लाल रंग के पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए सम्मिलित हुईं। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और "हरे कृष्णा, हरे रामा" व "जय श्री बालाजी" के गगनभेदी जयकारों के बीच यह कलश यात्रा साईं गेस्ट हाउस से होते हुए मुख्य कथा स्थल 'द वायसराय ग्रैंड' पहुंची। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

परम पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज की अगुवाई में बहेगी ज्ञान की गंगा।

कलश यात्रा के सफलतापूर्वक कथा पंडाल में पहुंचने के बाद विधिवत रूप से व्यास पीठ का पूजन किया गया। आज से शुरू होकर आगामी 13 अगस्त तक चलने वाले इस दिव्य ज्ञान यज्ञ में श्रीमन्मध्वगौडेश्वर वैष्णवाचार्य परम पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज अपने मुखारविंद से कथा की अमृत वर्षा करेंगे। आज पहले दिन महाराज श्री ने भागवत महापुराण के महत्व (भागवत महात्म्य) पर प्रकाश डाला। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर बाद (अपराह्न) 3:00 बजे से लेकर सायं 7:00 बजे तक रहेगा।आयोजक समिति की बेहतरीन व्यवस्थाएंइस संपूर्ण धार्मिक समागम की कमान 'श्री श्री बालाजी सेवा समिति (रजि.) देहरादून' बेहद कुशलता से संभाल रही है। समिति के प्रमुख पदाधिकारी अखिलेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ओ.पी. गुप्ता, चन्द्रेश अरोड़ा और मनोज खण्डेलवाल सहित सहयोगी परिवार (शर्मा परिवार और गर्ग परिवार) कलश यात्रा से लेकर कथा पंडाल में भक्तों के बैठने, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि आगामी छह दिनों तक प्रतिदिन समय पर पहुंचकर इस पावन कथा श्रवण का लाभ उठाएं और पुण्य के भागीदार बनें।

"उत्तराखंड की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए Nandi News Uttarakhand को Follow करें।"
#Uttarakhand #Dehradun #NandiNews #BreakingNews #UttarakhandNews  #viralpost video

#देहरादून_में_सात_दिवसीय_श्रीमद्_भागवत_कथा_ज्ञान_यज्ञ_का_भव्य_शुभारंभ_शहर_में_निकली अलौकिक भव्य कलश यात्रा। #देहरादून, देवभूमि आज पूरी तरह से भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था जी.एम.एस. रोड स्थित प्रतिष्ठित 'द वायसराय ग्रैंड' (The Viceroy Grand) में आयोजित होने वाले भव्य सात दिवसीय 'श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का। आज, 7 अगस्त से शुरू हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत से पहले सुबह एक विशाल और अलौकिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय कर दिया। पीतांबर वस्त्रों में सजी महिलाओं ने उठाई मंगल कलश की कमान। कथा के मुख्य सत्र की शुरुआत से पहले जी.एम.एस. रोड स्थित इस भव्य कलश यात्रा का मंगल आरंभ हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं पीतांबर (पीले) और लाल रंग के पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए सम्मिलित हुईं। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और "हरे कृष्णा, हरे रामा" व "जय श्री बालाजी" के गगनभेदी जयकारों के बीच यह कलश यात्रा साईं गेस्ट हाउस से होते हुए मुख्य कथा स्थल 'द वायसराय ग्रैंड' पहुंची। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। परम पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज की अगुवाई में बहेगी ज्ञान की गंगा। कलश यात्रा के सफलतापूर्वक कथा पंडाल में पहुंचने के बाद विधिवत रूप से व्यास पीठ का पूजन किया गया। आज से शुरू होकर आगामी 13 अगस्त तक चलने वाले इस दिव्य ज्ञान यज्ञ में श्रीमन्मध्वगौडेश्वर वैष्णवाचार्य परम पूज्य श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज अपने मुखारविंद से कथा की अमृत वर्षा करेंगे। आज पहले दिन महाराज श्री ने भागवत महापुराण के महत्व (भागवत महात्म्य) पर प्रकाश डाला। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर बाद (अपराह्न) 3:00 बजे से लेकर सायं 7:00 बजे तक रहेगा।आयोजक समिति की बेहतरीन व्यवस्थाएंइस संपूर्ण धार्मिक समागम की कमान 'श्री श्री बालाजी सेवा समिति (रजि.) देहरादून' बेहद कुशलता से संभाल रही है। समिति के प्रमुख पदाधिकारी अखिलेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ओ.पी. गुप्ता, चन्द्रेश अरोड़ा और मनोज खण्डेलवाल सहित सहयोगी परिवार (शर्मा परिवार और गर्ग परिवार) कलश यात्रा से लेकर कथा पंडाल में भक्तों के बैठने, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि आगामी छह दिनों तक प्रतिदिन समय पर पहुंचकर इस पावन कथा श्रवण का लाभ उठाएं और पुण्य के भागीदार बनें। "उत्तराखंड की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए Nandi News Uttarakhand को Follow करें।" #Uttarakhand #Dehradun #NandiNews #BreakingNews #UttarakhandNews #viralpost video

Dehradun, Dehradun | Aug 7, 2026

कौन हैं कलूड़ा? 'कली कुंवर' से कैसे बने "कलूड़ा"

उत्तराखंड के इतिहास और लोक परंपराओं में कलूड़ा जाति की अपनी एक अलग पहचान रही है। आखिर कली कुंवर से कलूड़ा नाम कैसे पड़ा? इस नाम के पीछे की कहानी क्या है और इसका इतिहास कितना पुराना है?

इस वीडियो में जानिए कलूड़ा जाति का पूरा इतिहास, उनकी उत्पत्ति और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उनके सामाजिक विस्तार की कहानी। टिहरी गढ़वाल से लेकर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों और रवांई घाटी तक कलूड़ा समुदाय की मजबूत उपस्थिति देखने को मिलती है।

देखिए पूरा वीडियो और जानिए कलूड़ा समाज के इतिहास की अनसुनी कहानी।

#कलूड़ा #कलूड़ासमाज #कलीकुंवर #उत्तराखंडइतिहास #गढ़वाल #टिहरी #उत्तरकाशी #रवांईघाटी #उत्तराखंड #PahadSamachar Part 31

कौन हैं कलूड़ा? 'कली कुंवर' से कैसे बने "कलूड़ा" उत्तराखंड के इतिहास और लोक परंपराओं में कलूड़ा जाति की अपनी एक अलग पहचान रही है। आखिर कली कुंवर से कलूड़ा नाम कैसे पड़ा? इस नाम के पीछे की कहानी क्या है और इसका इतिहास कितना पुराना है? इस वीडियो में जानिए कलूड़ा जाति का पूरा इतिहास, उनकी उत्पत्ति और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उनके सामाजिक विस्तार की कहानी। टिहरी गढ़वाल से लेकर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों और रवांई घाटी तक कलूड़ा समुदाय की मजबूत उपस्थिति देखने को मिलती है। देखिए पूरा वीडियो और जानिए कलूड़ा समाज के इतिहास की अनसुनी कहानी। #कलूड़ा #कलूड़ासमाज #कलीकुंवर #उत्तराखंडइतिहास #गढ़वाल #टिहरी #उत्तरकाशी #रवांईघाटी #उत्तराखंड #PahadSamachar Part 31

Dehradun, Dehradun | Aug 7, 2026

कौन हैं कलूड़ा? 'कली कुंवर' से कैसे बने "कलूड़ा"

उत्तराखंड के इतिहास और लोक परंपराओं में कलूड़ा जाति की अपनी एक अलग पहचान रही है। आखिर कली कुंवर से कलूड़ा नाम कैसे पड़ा? इस नाम के पीछे की कहानी क्या है और इसका इतिहास कितना पुराना है?

इस वीडियो में जानिए कलूड़ा जाति का पूरा इतिहास, उनकी उत्पत्ति और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उनके सामाजिक विस्तार की कहानी। टिहरी गढ़वाल से लेकर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों और रवांई घाटी तक कलूड़ा समुदाय की मजबूत उपस्थिति देखने को मिलती है।

देखिए पूरा वीडियो और जानिए कलूड़ा समाज के इतिहास की अनसुनी कहानी।

#कलूड़ा #कलूड़ासमाज #कलीकुंवर #उत्तराखंडइतिहास #गढ़वाल #टिहरी #उत्तरकाशी #रवांईघाटी #उत्तराखंड #PahadSamachar Part 33

कौन हैं कलूड़ा? 'कली कुंवर' से कैसे बने "कलूड़ा" उत्तराखंड के इतिहास और लोक परंपराओं में कलूड़ा जाति की अपनी एक अलग पहचान रही है। आखिर कली कुंवर से कलूड़ा नाम कैसे पड़ा? इस नाम के पीछे की कहानी क्या है और इसका इतिहास कितना पुराना है? इस वीडियो में जानिए कलूड़ा जाति का पूरा इतिहास, उनकी उत्पत्ति और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उनके सामाजिक विस्तार की कहानी। टिहरी गढ़वाल से लेकर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों और रवांई घाटी तक कलूड़ा समुदाय की मजबूत उपस्थिति देखने को मिलती है। देखिए पूरा वीडियो और जानिए कलूड़ा समाज के इतिहास की अनसुनी कहानी। #कलूड़ा #कलूड़ासमाज #कलीकुंवर #उत्तराखंडइतिहास #गढ़वाल #टिहरी #उत्तरकाशी #रवांईघाटी #उत्तराखंड #PahadSamachar Part 33

Dehradun, Dehradun | Aug 7, 2026

क्या पहले से पता था केदारनाथ आपदा के बारे में ? #uttarakhand #hillynews #astrology #wednesday - Dehradun News