तुंगनाथ धाम में आपदा प्रबंधन पर आउटरीच प्रशिक्षण!!
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थानीय समुदाय को खोज-बचाव, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार का दिया गया प्रशिक्षण
रुद्रप्रयाग जनपद के आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील एवं उच्च हिमालयी क्षेत्र तुंगनाथ धाम में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा एक दिवसीय आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आपदा के प्रति जागरूक बनाना, उनकी तैयारी को सुदृढ़ करना तथा आपदा से निपटने की क्षमता विकसित करना रहा।
अतिवृष्टि, वज्रपात, भूस्खलन एवं शैलपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील तुंगनाथ क्षेत्र में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन अकादमी के महानिदेशक बी.पी. पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम निदेशक डॉ. मंजू पाण्डेय एवं उनकी टीम के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, डॉ. विवेक राजपूत तथा एनटीएमसी, नैनीताल के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान खोज एवं बचाव, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा आपदा प्रबंधन की संस्थागत व्यवस्थाओं पर व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, सामुदायिक सहभागिता, आपातकालीन सूचना तंत्र तथा स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, युवक एवं युवती मंगल दल के सदस्य, व्यापारी, स्थानीय पुरोहित तथा अन्य ग्रामीण शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम निदेशक डॉ. मंजू पाण्डेय तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय समुदाय की जागरूकता, तत्परता और सामूहिक सहभागिता से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की संस्थागत व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों की भूमिका से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंडित अभिषेक मैठाणी एवं बाबा काली कमली धर्मशाला के प्रबंधक का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण तुंगनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा सामुदायिक क्षमता सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।