1. जो हाथ भारत की मिट्टी से हुनर गढ़ते हैं,
उन पर विदेशी होने का ठप्पा लगाना कितना बड़ा अन्याय है।
2. स्वदेशी मेले में स्वावलंबी नारी का अपमान,
यह नीति नहीं—नीचे बैठे भ्रष्ट तंत्र की पहचान है।
1. जो हाथ भारत की मिट्टी से हुनर गढ़ते हैं,
उन पर विदेशी होने का ठप्पा लगाना कितना बड़ा अन्याय है।
2. स्वदेशी मेले में स्वावलंबी नारी का अपमान,
यह नीति नहीं—नीचे बैठे भ्रष्ट तंत्र की पहचान है। - Chittaurgarh News