कैल प्लांट में अब दिन रात निर्बाध जारी रहेगा कचरा निस्तारण, जल्द तैयार होगा विशाल शैड
कैल प्लांट में 7.24 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन शेड व एमआरएफ सेंटर का निगम आयुक्त ने किया निरीक्षण, जांची व्यवस्थाएं
यमुनानगर। कैल कचरा निस्तारण प्लांट में 7.24 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन शेड व एमआरएफ सेंटर का नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री व अन्य व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निगम द्वारा कैल प्लांट में धरातल का पक्का करने के बाद शेड डालने के लिए बड़े बड़े पिलर बनाए जा रहे हैं। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि शेड बनने से यहां दिन रात कचरा निस्तारण और कचरा छंटनी का काम जारी रहेगा। बारिश होने पर भी यह कार्य निर्बाध जारी रहेगा। शेड बनने से प्लांट में आने वाले कचरा का समय पर निस्तारण होगा और प्लांट में लगी मशीनें भी सुरक्षित रहेंगी।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार, कार्यकारी अभियंता हरीश कुमार, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह, स्वच्छ भारत मिशन शहरी के सलाहकार लोकेश सेन के साथ कचरा प्रबंधन की विभिन्न प्रक्रियाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्लांट में बनाए जा रहे शेड के पीलरों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की बारीकी से जांच की। वहीं, एमआरएफ सेंटर में कचरा पृथक्करण और गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को देखा। यहां कचरा निस्तारण में कचरे से आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल), बायोसॉल तथा ईंट-कंकड़ को अलग-अलग किया जा रहा है। इसके साथ ही बायो रेमेडिएशन तकनीक के माध्यम से जैविक खाद तैयार की जा रही है। निगम आयुक्त ने इन सभी प्रक्रियाओं की गुणवत्ता की जांच की और संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शेड निर्माण का जायजा लिया। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने उन्हें जानकारी दी कि कैल कचरा निस्तारण प्लांट में शेड निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नीचे की सतह को पक्का किया जा चुका है। अब शेड डालने के लिए पिलर तैयार किए जा रहे है। पिलर तैयार होते ही बड़ा शेड डाला जाएगा। जिससे बारिश के दौरान कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि अभी तक बारिश होने की स्थिति में कचरा निस्तारण का कार्य प्रभावित हो जाता है, जिससे मशीनों के खराब होने के साथ साथ कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कचरा निस्तारण न होने से प्लांट में कचरे के ढेर लग जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शेड बनने से न केवल कचरा निस्तारण की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी, बल्कि यहां कार्यरत मशीनें भी बारिश से सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि जल्द से जल्द यह सुविधा शुरू हो सके।
फोटो - कैल कचरा निस्तारण प्लांट में शेड के निर्माण का जायजा लेते अतिरिक्त निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद व अन्य।