Nainital में सबसे पहले चर्च St. John's in the Wilderness Church की एक अनोखी कहानी, जिसे आपने जरूर जानना चाहिए ✅
साल 23 February 1844 में Bishop Daniel Wilson (1778) जो Bishop of Calcutta थे, वे नैनीताल आए थे। उस समय नैनीताल आज जैसा विकसित शहर नहीं था, बल्कि चारों ओर घने जंगल और पहाड़ों से घिरा एक छोटा सा hill station था।
वे नैनीताल में अंग्रेजो के लिए एक Anglican Church स्थापित करना चाहते थे क्योकि उन्हें 1843 में पता चल गया था कि नैनीताल अंग्रेजी शहर बनने वाला है इसीलिए चर्च की सबसे पहले स्थापना करने वो नैनीताल पहुंचे। उनका नैनीताल पहुंचना बड़ा मुश्किलों भरा था क्योकि नैनीताल में तब इतना घना जंगल हुआ करता था कि वहाँ पहुंचना ही बहुत कठिन था, ऊँचे पहाड़ो में चढ़कर जाना पड़ता था, कई जगह घनी झाड़िया थी, कोई रास्ता नहीं था और जंगली जानवर दिन दहाड़े ही दिख जाया करते थे.
जब वो 1843 में नैनीताल पहुंचे तो यहाँ सिर्फ 7 घर बने थे उनमे भी कुछ under construction थे, इसीलिए उन्होंने कई दिन टूटी-फूटी झोपड़ी में बिताये, कड़ाके की ठंड और कठिन परिस्थितियों के कारण उनकी तबियत भी खराब हो गई, तब उनकी उम्र 65-66 वर्ष की थी मतलब वो बूढ़े इंसान थे.
उन्होंने नैनीताल में चर्च बनाने के लिए John Hallet Batten (Assistant Kumaon Comissioner) से नैनीताल में जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा, जहाँ John Hallet Batten ने उनका प्रस्ताव संज्ञान में लेते हुए उन्हें सूखाताल स्थित जगह दे दी जहाँ वो चर्च बना सके.
St. John in the Wilderness Church के architect को बनाने का श्रेय Executive Engineer Captain Young को दिया जाता है, इसके बाद 13 October 1846 में चर्च की नींव का cornerstone रखा गया और 2 April 1848 को चर्च बनकर तैयार हुआ...इस चर्च के निर्माण में 15,000 रुपए का खर्चा आया था...इस चर्च का नाम St. John in the Wilderness रखा गया जिसका अर्थ “घने जंगल में स्थित ईश्वर का घर”, क्योंकि उस दौर का नैनीताल घने जंगलों से घिरा हुआ था और St. John in the Wilderness Church ही नैनीताल में बना सबसे पहला चर्च था. 1855 के आसपास चर्च के clock tower में घंटा भी लगाया गया ताकि घंटे की आवाज़ सुनकर लोग प्रार्थना करने आ सके.
इसके बाद Bishop Daniel कुछ दिनों नैनीताल रहे और वापिस कलकत्ता चले गए....1864 में चर्च के दोनों सिरों पर stained-glass windows भी लगाए गए।
1880 के बाद St. John in the Wilderness Church को काफी हद तक enlarged किया क्योकि 1880 में इतना खतरनाक भूस्खलन आया था.