पुलिस प्रेस नोट 22.10.2026
शहीदों को नमन कार्यक्रम के तहत शहीद पुलिस जवान योगराज मेहता व सतबीर को किया याद, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
फरीदाबाद, 22 अक्टूबर। हरियाणा सरकार की पहल पर 21 से 30 अक्टूबर तक मनाए जा रहे पुलिस शहीदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत 22 अक्टूबर को फरीदाबाद में शहीद पुलिस जवानों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर एन.आई.टी-5 स्थित राजकीय बाल माध्यमिक विद्यालय में शहीद एएसआई योगराज मेहता तथा गांव जाजरू स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शहीद पुलिस जवान सतबीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त, एनआईटी फरीदाबाद, प्रियांशु दिवान, भलाई निरीक्षक माया, शहीद पुलिस जवानों के परिजनों तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, शहीदों के परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने दोनों वीर पुलिस जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश व समाज की सुरक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस अवसर पर शहीदों के सम्मान में पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया तथा उनके जीवन और शौर्यगाथा से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
शहीद एएसआई योगराज मेहता के साहस और बलिदान को किया याद - सहायक पुलिस आयुक्त, एनआईटी फरीदाबाद, प्रियांशु दिवान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 21 से 30 अक्टूबर तक पुलिस शहीदी दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस जवानों को श्रद्धापूर्वक याद करना और उनके साहस, समर्पण तथा कर्तव्यनिष्ठा से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना है।
उन्होंने शहीद एएसआई योगराज मेहता के बलिदान को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1976 में ईस्ट इंडिया कॉटन मिल के सैकड़ों कर्मचारी हथियारों के साथ उग्र हो गए थे। उस समय स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसआई योगराज मेहता अपने कुछ साथी पुलिसकर्मियों के साथ डटकर मुकाबला कर रहे थे। अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
उन्होंने कहा कि शहीद एएसआई योगराज मेहता की वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस विभाग के लिए गौरव का विषय है। उनकी शौर्यगाथा आज भी लोगों को कर्तव्यनिष्ठा, साहस और जनसेवा की प्रेरणा देती है। उनके सम्मान में एनआईटी-5 स्थित राजकीय विद्यालय में उनका चित्र लगाया गया है और उनकी वीरता की कहानी भी अंकित है, ताकि विद्यार्थी तथा आम नागरिक उनके बलिदान से परिचित हो सकें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित हों।
शहीद सिपाही सतबीर ने कर्तव्य निभाते हुए दिया सर्वोच्च बलिदान - कार्यक्रम में शहीद सिपाही सतबीर की वीरता और बलिदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उनके बलिदान का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कुछ लोगों द्वारा बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों में अवैध रूप से गायों को भरकर ले जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने गांव घुसपैठी, मेवात में नाका लगाया था। संदिग्ध डंपरों को रोकने के प्रयास के दौरान सिपाही सतबीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके हाथों और पैरों में गंभीर चोटें आईं तथा एक डंपर उनके ऊपर से गुजर गया। इस घटना में सिपाही सतबीर शहीद हो गए।
सिपाही सतबीर का बलिदान पुलिसकर्मियों की कर्तव्यपरायणता, साहस और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कार्यक्रम में उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए उनकी स्मृति को सदैव सम्मान के साथ संजोए रखने का संदेश दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता, फरीदाबाद