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बालाघाट: जिला अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत, कोतवाली थाना ने मर्ग किया कायम

Balaghat, Balaghat | Mar 31, 2022

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#बालाघाट 
ग्रीष्मकालीन तिल की खेती बनी किसानों के लिए लाभ का सौदा, 

थुर्रेमेटा के कृषक ने पेश की मिसाल

     बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब खेतों में दिखाई देने लगे हैं। बिरसा विकासखंड के ग्राम थुर्रेमेटा के प्रगतिशील कृषक श्री शंकरलाल उइके ने कृषि विभाग से प्रदाय तिल प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन जायद मौसम में तिल की खेती कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

      कृषक श्री उइके के खेत में तिल की फसल वर्तमान में अत्यंत अच्छी स्थिति में है। फसल की बढ़वार, पौधों का विकास एवं खेत की समग्र स्थिति को देखकर अच्छे उत्पादन की संभावना व्यक्त की जा रही है। कृषक ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सलाह के अनुसार समय पर बुवाई, सिंचाई तथा आवश्यक कृषि कार्य किए गए, जिसके परिणामस्वरूप फसल बेहतर अवस्था में पहुंची है।

      श्री शंकरलाल उइके ने ग्रीष्मकालीन तिल की खेती को लाभकारी बताते हुए कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ तिल जैसी तिलहनी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रदर्शन कार्यक्रमों का लाभ उठाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।

       उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि तिल एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। कम लागत और बेहतर मूल्य मिलने के कारण यह किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। विभाग द्वारा किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

        ग्राम थुर्रेमेटा में श्री शंकरलाल उइके के खेत में लहलहाती तिल की फसल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि वैज्ञानिक पद्धति और कृषि विभाग के सहयोग से किसान कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट ग्रीष्मकालीन तिल की खेती बनी किसानों के लिए लाभ का सौदा, थुर्रेमेटा के कृषक ने पेश की मिसाल बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब खेतों में दिखाई देने लगे हैं। बिरसा विकासखंड के ग्राम थुर्रेमेटा के प्रगतिशील कृषक श्री शंकरलाल उइके ने कृषि विभाग से प्रदाय तिल प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन जायद मौसम में तिल की खेती कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषक श्री उइके के खेत में तिल की फसल वर्तमान में अत्यंत अच्छी स्थिति में है। फसल की बढ़वार, पौधों का विकास एवं खेत की समग्र स्थिति को देखकर अच्छे उत्पादन की संभावना व्यक्त की जा रही है। कृषक ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सलाह के अनुसार समय पर बुवाई, सिंचाई तथा आवश्यक कृषि कार्य किए गए, जिसके परिणामस्वरूप फसल बेहतर अवस्था में पहुंची है। श्री शंकरलाल उइके ने ग्रीष्मकालीन तिल की खेती को लाभकारी बताते हुए कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ तिल जैसी तिलहनी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रदर्शन कार्यक्रमों का लाभ उठाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि तिल एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। कम लागत और बेहतर मूल्य मिलने के कारण यह किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। विभाग द्वारा किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम थुर्रेमेटा में श्री शंकरलाल उइके के खेत में लहलहाती तिल की फसल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि वैज्ञानिक पद्धति और कृषि विभाग के सहयोग से किसान कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

Ujjain के ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन! Mahakal Bhasm Aarti

Ujjain के ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन! Mahakal Bhasm Aarti

Balaghat, Balaghat | Jun 4, 2026

#बालाघाट
जिला स्तरीय बैंकर्स एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को प्रेषित ऋण प्रकरणों, उनकी स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजीव कुमार, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि शासन की स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सभी विभागों एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय एवं बैंक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि विभागों द्वारा योजनाओं के अंतर्गत तैयार किए गए ऋण प्रकरण स्वीकृति एवं वितरण के लिए बैंकों को भेजे जा रहे हैं, इसलिए बैंक भी तत्परता के साथ इन प्रकरणों का परीक्षण कर स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन बैंकों में प्रकरण लंबित हैं, उनके जिला समन्वय अधिकारियों से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग करें।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार प्रगति एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि निर्धारित 332 प्रकरण बैंको को प्रषित किये गए जिसमें से 139 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना,टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना , बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना,    तथा संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों एवं बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि बालाघाट जनजातीय बहुल जिला है, इसलिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही स्वरोजगार से जुड़ सकें।
बैठक में अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि निजी क्षेत्र के कुछ बैंक इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने संबंधित बैंक अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं लाभार्थियों के नामांकन में विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण वितरण में तेजी लाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #fisheries_mp #minprdd #mpurbandeptt #minmpkrishi

#बालाघाट जिला स्तरीय बैंकर्स एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को प्रेषित ऋण प्रकरणों, उनकी स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजीव कुमार, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि शासन की स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सभी विभागों एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय एवं बैंक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विभागों द्वारा योजनाओं के अंतर्गत तैयार किए गए ऋण प्रकरण स्वीकृति एवं वितरण के लिए बैंकों को भेजे जा रहे हैं, इसलिए बैंक भी तत्परता के साथ इन प्रकरणों का परीक्षण कर स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन बैंकों में प्रकरण लंबित हैं, उनके जिला समन्वय अधिकारियों से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग करें। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार प्रगति एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि निर्धारित 332 प्रकरण बैंको को प्रषित किये गए जिसमें से 139 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना,टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना , बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, तथा संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों एवं बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि बालाघाट जनजातीय बहुल जिला है, इसलिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही स्वरोजगार से जुड़ सकें। बैठक में अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि निजी क्षेत्र के कुछ बैंक इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने संबंधित बैंक अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं लाभार्थियों के नामांकन में विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण वितरण में तेजी लाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #fisheries_mp #minprdd #mpurbandeptt #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

#बालाघाट
कम वसूली पर सीईओ सख्त, सात समितियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश

बालाघाट जिले में कालातीत एवं अकालातीत ऋणों की वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक मृणाल मीना के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वसूली अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिनव सिंह बघेल ने मंगलवार 3 जून को डोंगरमाली शाखा अंतर्गत विभिन्न समितियों का औचक निरीक्षण कर वसूली कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री बघेल सबसे पहले पैक्स समिति लड़सड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने ऋण वसूली की प्रगति का अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान समिति में कार्यरत दो कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर उन्होंने दोनों कर्मचारियों को अवैतनिक किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से किए जा रहे खाद वितरण का मिलान किया गया तथा खाद भंडार का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच में खाद का स्टॉक सही पाया गया।

सीईओ ने सदस्यता अभियान की भी समीक्षा करते हुए नए सदस्यों को नियमानुसार सभी सुविधाएं और लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने डोंगरमाली शाखा में पहुंचकर शाखा अंतर्गत आने वाली विभिन्न समितियों की वसूली प्रगति का गहन परीक्षण किया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पैक्स समिति नवेगांव, आरंभा, भेंडारा, दीनी, बेनी, लड़सड़ा एवं मेंडकी में गत वर्ष की तुलना में ऋण वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्री बघेल ने संबंधित समितियों को कारण बताओ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थित कर्मचारियों को कम वसूली पर कड़ी फटकार लगाते हुए वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर डोंगरमाली समिति द्वारा लक्ष्य के अनुरूप वसूली किए जाने पर सीईओ ने समिति के कर्मचारियों की सराहना की और बेहतर कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कर्मचारियों को वसूली अभियान में और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने की सलाह दी।

निरीक्षण के क्रम में श्री बघेल ने खैरलांजी एवं रामपायली शाखाओं का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सदस्यता अभियान, कालातीत एवं अकालातीत ऋण वसूली, पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य पालन केसीसी, मध्यमकालीन ऋण, ईआरपी एवं सीबीएस सहित विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने शाखा प्रबंधकों एवं समिति कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान समय ऋण वसूली के लिए महत्वपूर्ण है और सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

सीईओ ने कहा कि यदि समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हुई तो संबंधित समितियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने समितियों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के भी निर्देश दिए तथा निरीक्षण के दौरान उपस्थित किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शाखा प्रबंधक आई.आर. भगत (रामपायली), मुकेश ठाकरे (खैरलांजी), जयकुमार नंदनवार (डोंगरमाली), एस.डी. अंकर, विनोद बिसेन सहित संबंधित समितियों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #cooperativedept

#बालाघाट कम वसूली पर सीईओ सख्त, सात समितियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश बालाघाट जिले में कालातीत एवं अकालातीत ऋणों की वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक मृणाल मीना के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वसूली अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिनव सिंह बघेल ने मंगलवार 3 जून को डोंगरमाली शाखा अंतर्गत विभिन्न समितियों का औचक निरीक्षण कर वसूली कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री बघेल सबसे पहले पैक्स समिति लड़सड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने ऋण वसूली की प्रगति का अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान समिति में कार्यरत दो कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर उन्होंने दोनों कर्मचारियों को अवैतनिक किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से किए जा रहे खाद वितरण का मिलान किया गया तथा खाद भंडार का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच में खाद का स्टॉक सही पाया गया। सीईओ ने सदस्यता अभियान की भी समीक्षा करते हुए नए सदस्यों को नियमानुसार सभी सुविधाएं और लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने डोंगरमाली शाखा में पहुंचकर शाखा अंतर्गत आने वाली विभिन्न समितियों की वसूली प्रगति का गहन परीक्षण किया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पैक्स समिति नवेगांव, आरंभा, भेंडारा, दीनी, बेनी, लड़सड़ा एवं मेंडकी में गत वर्ष की तुलना में ऋण वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्री बघेल ने संबंधित समितियों को कारण बताओ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थित कर्मचारियों को कम वसूली पर कड़ी फटकार लगाते हुए वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर डोंगरमाली समिति द्वारा लक्ष्य के अनुरूप वसूली किए जाने पर सीईओ ने समिति के कर्मचारियों की सराहना की और बेहतर कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कर्मचारियों को वसूली अभियान में और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने की सलाह दी। निरीक्षण के क्रम में श्री बघेल ने खैरलांजी एवं रामपायली शाखाओं का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सदस्यता अभियान, कालातीत एवं अकालातीत ऋण वसूली, पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य पालन केसीसी, मध्यमकालीन ऋण, ईआरपी एवं सीबीएस सहित विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने शाखा प्रबंधकों एवं समिति कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान समय ऋण वसूली के लिए महत्वपूर्ण है और सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। सीईओ ने कहा कि यदि समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हुई तो संबंधित समितियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने समितियों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के भी निर्देश दिए तथा निरीक्षण के दौरान उपस्थित किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शाखा प्रबंधक आई.आर. भगत (रामपायली), मुकेश ठाकरे (खैरलांजी), जयकुमार नंदनवार (डोंगरमाली), एस.डी. अंकर, विनोद बिसेन सहित संबंधित समितियों के कर्मचारी उपस्थित रहे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #cooperativedept

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

#बालाघाट
कलेक्टर ने ली पंजीयन अधिकारियों एवं एसडीएम की बैठक
अवैध कालोनियों के पंजीयन प्रतिबंधों पर की गई चर्चा

 कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 03 जून को पंजीयन विभाग के जिला पंजीयक, उप पंजीयक एवं सभी एसडीएम की बैठक लेकर जिले में अवैध कालोनियों के पंजीयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में जिला पंजीयक श्रीमती कीर्ति असाटी, बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी, तहसीलदार श्री सुनील वर्मा उपस्थित थे। वारासिवनी, बैहर, कटंगी, लांजी, किरनापुर एवं परसवाड़़ा के एसडीएम वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से बैठक में उपस्थित थे। 

 बैठक में बताया गया कि किसी भी कॉलोनाइजर को नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका अधिनियम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज अधिनियम का पालन करना होगा। नगरीय आवास एवं विकास विभाग की अनुमति के बाद ही कालोनी का पंजीयन कराया जायेगा। अवैध कालोनी का पंजीयन नहीं किया जायेगा। बैठक में राजस्व एवं पंजीयन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन कॉलोनाइजरों की कॉलोनियां अवैध श्रेणी में हैं और वे उन्हें वैध कराना चाहते हैं, तो वे निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करें। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही संबंधित कॉलोनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने पर विचार किया जाएगा। शासकीय पट्टे वाली जमीन का विक्रय नहीं होगा और इसका पंजीयन भी नहीं किया जायेगा। 

बैठक में सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए गये कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की वर्तमान स्थिति से प्रशासन को अवगत कराएं। साथ ही संबंधित भूमि के खसरा अभिलेखों के कैफियत कॉलम क्रमांक-12 में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि अवैध कॉलोनियों से संबंधित जानकारी राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज रहे। यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों के मामलों में पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

#CMMadhyaPradesh  #JansamparkMP  #mprevenudeptt

#बालाघाट कलेक्टर ने ली पंजीयन अधिकारियों एवं एसडीएम की बैठक अवैध कालोनियों के पंजीयन प्रतिबंधों पर की गई चर्चा कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 03 जून को पंजीयन विभाग के जिला पंजीयक, उप पंजीयक एवं सभी एसडीएम की बैठक लेकर जिले में अवैध कालोनियों के पंजीयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में जिला पंजीयक श्रीमती कीर्ति असाटी, बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी, तहसीलदार श्री सुनील वर्मा उपस्थित थे। वारासिवनी, बैहर, कटंगी, लांजी, किरनापुर एवं परसवाड़़ा के एसडीएम वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से बैठक में उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि किसी भी कॉलोनाइजर को नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका अधिनियम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज अधिनियम का पालन करना होगा। नगरीय आवास एवं विकास विभाग की अनुमति के बाद ही कालोनी का पंजीयन कराया जायेगा। अवैध कालोनी का पंजीयन नहीं किया जायेगा। बैठक में राजस्व एवं पंजीयन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन कॉलोनाइजरों की कॉलोनियां अवैध श्रेणी में हैं और वे उन्हें वैध कराना चाहते हैं, तो वे निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करें। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही संबंधित कॉलोनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने पर विचार किया जाएगा। शासकीय पट्टे वाली जमीन का विक्रय नहीं होगा और इसका पंजीयन भी नहीं किया जायेगा। बैठक में सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए गये कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की वर्तमान स्थिति से प्रशासन को अवगत कराएं। साथ ही संबंधित भूमि के खसरा अभिलेखों के कैफियत कॉलम क्रमांक-12 में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि अवैध कॉलोनियों से संबंधित जानकारी राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज रहे। यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों के मामलों में पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mprevenudeptt

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026