ग्वालियर का रेलवे स्टेशन अंजान भीड़ के बीच दो मासूम जो रो रहे थे। इन मासूमों के साथ न कोई बड़ा व्यक्ति था न ही इनको घर का पता मालूम था। लेकिन ऐसे में ADG रेल राजाबाबू सिंह के द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन हमदर्द' के माध्यम से ग्वालियर GRP पुलिस के 'ने इनकी आंखों के आंसू पोंछ दिए और इन्हें परिवार से मिला दिया। GRP को ये भाई-बहन रोते हुए ग्वालियर रेल्वे स्टेशन पर मिले थे। पिता इन्हें छोड़कर मोबाइल चार्जर लेने गए थे और फिर लौटे ही नहीं। GRP पुलिस के मुताबिक बच्चे अपने पिता के साथ महोबा में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से ट्रेन पकड़कर ये ग्वालियर पहुंचे। मंजिल थी दिल्ली। दिल्ली की ट्रेन का इंतजार करते-करते पिता स्टेशन पर मोबाइल चार्जर लेने गए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब पिता नहीं आए तो बच्चे घबरा गए। बच्चे अकेले और घबराए हुए थे। जीआरपी ने उनसे जानकारी जुटाई और बच्चों द्वारा बताए गए पते के आधार पर दिल्ली में उनके पड़ोसी से संपर्क किया। वी�