01 प्रेस नोट 12.07.2026
पंचकूला पुलिस ने 13.10 लाख के साइबर फ्रॉड मामले में स्टूडेंट वीजा पर आए जिम्बाब्वे और मेडिकल वीजा पर आए नाइजीरियाई आरोपी को किया गिरफ्तार, मोबाइल फोन व सिम बरामद
व्हाट्सएप पर यूके की महिला बनकर बुना 13.10 लाख साइबर फ्रॉड का जाल, फर्जी फार्मा बिजनेस में तीन गुना मुनाफे का लालच देकर फंसाया, दोनों 5 दिन के पुलिस रिमांड पर
पंचकूला/ 12 जुलाई :- साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच पंचकूला पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशानुसार साइबर क्राइम थाना पंचकूला की टीम ने 13.10 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक जिम्बाब्वे का नागरिक, जो स्टूडेंट वीजा पर भारत आया था, तथा दूसरा नाइजीरिया का नागरिक, जो मेडिकल वीजा पर भारत में रह रहा था, शामिल है। दोनों आरोपियों ने व्हाट्सएप पर स्वयं को यूनाइटेड किंगडम (यूके) की महिला बताकर एक सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी को फर्जी फार्मा बिजनेस में तीन गुना मुनाफे का झांसा दिया और 13 लाख 10 हजार रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
थाना साइबर क्राइम पंचकूला में 20 फरवरी 2026 को दर्ज हुए इस मामले के अनुसार पंचकूला निवासी 63 वर्षीय सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार दिसंबर 2025 में फेसबुक पर संपर्क करने वाली एक महिला ने स्वयं को यूके की निवासी बताया। इसके बाद व्हाट्सएप पर लगातार बातचीत और कॉल के माध्यम से शिकायतकर्ता का विश्वास जीता गया। बाद में उसे अपनी रिश्तेदार से जोड़कर फार्मा उत्पादों के कारोबार में निवेश करने पर तीन गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने दावा किया कि कंपनी स्वयं उत्पाद खरीदकर आगे बेच देगी और निवेशक को भारी लाभ मिलेगा।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार आरोपियों की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो कोई उत्पाद मिला और न ही किसी प्रकार का लाभ प्राप्त हुआ। संदेह होने पर शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर थाना साइबर क्राइम पंचकूला में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के आधार पर साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह व जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर जगमीत सिंह की अगुवाई में टीम बहादुरगढ़ पहुंची, जहां से जिम्बाब्वे निवासी तापिवा और नाइजीरिया निवासी केनेथ को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड पुलिस को दिए।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी ही व्हाट्सएप पर यूके में रहने वाली महिलाओं की फर्जी पहचान बनाकर शिकायतकर्ता से बातचीत करते थे और उसे निवेश के नाम पर झांसा देते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस प्रकार की वारदातों में इन आरोपियों ने कितने अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार जिम्बाब्वे निवासी आरोपी भारत में स्टूडेंट वीजा पर आया हुआ था, जबकि नाइजीरिया निवासी आरोपी मेडिकल वीजा पर भारत में रह रहा था।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन: नाइजीरिया और जिम्बाब्वे के दूतावासों को भी ई-मेल के माध्यम से अवगत कराया गया है। पूछताछ के दौरान एक अन्य सह-आरोपी का नाम भी सामने आया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर भी जांच एवं छापेमारी की जाएगी।
पंचकूला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा निवेश, व्यापार या अधिक मुनाफे का प्रलोभन दिए जाने पर बिना सत्यापन के किसी भी बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
Uklana, Hissar | Jul 12, 2026