-पिछोर से ब्रेकिंग न्यूज़
जिन पंचायतों में संबल योजना नहीं समझाई जा रही, वहां की जनता आज भी गुलाम बनी बैठी है। जिम्मेदारी सचिव और जिला सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों की है, पर वो मौन हैं।कई पंचायत में हमने देखा - किसी का जवान बेटा गुजर गया, किसी का भाई, किसी का पति। 60 साल से पहले ही मृत्यु हो चुकी, संबल कार्ड था, पात्र भी थे, लेकिन आज तक परिवार को *2 से 4 लाख* का लाभ नहीं मिला। न अंत्येष्टि के 5,000 मिले, न महिलाओं को डिलीवरी के 16,000।सरकार कहती है अंतिम व्यक्ति तक योजना पहुंचाओ, घर-घर जाकर ग्राम सभा में समझाओ। पर यहां ग्राम सभा होती ही नहीं, गरीब को बुलाया ही नहीं जाता।तो ये कमी किसकी? क्या सचिव की? क्या जनपद के अधिकारियों की? गरीब तो भटक रहा है।सरकार लाभ दे रही, पर नीचे अधिकारी हक मार रहे हैं। पकी जनता अब जवाब मांग रही है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और हर मृत परिवार को तत्काल लाभ मिले।
*रिपोर्ट - इंडिया न्यूज़ दर्शन*