#बालाघाट
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त
लापरवाही पर नोटिस और वेतन कटौती के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार 14 जुलाई को कृषि, स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की लंबित 17 शिकायतों की समक्ष में सुनवाई कर प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान 4 शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब एवं पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जवाब दर्ज करने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रसूति सहायता और नसबंदी मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 200 दिनों से अधिक समय से लंबित सात शिकायतों की सुनवाई के दौरान परसवाड़ा के ग्राम डोंगरिया की सुकवंती मरकाम, लालबर्रा के नंदकिशोर देवाहे तथा वारासीवनी के ग्राम कोचेवाही की मोनिका द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर मुआवजे की मांग की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि सुकवंती मरकाम एवं नंदकिशोर देवाहे के मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है और शासन से राशि प्राप्त होते ही उनके खातों में जमा करा दी जाएगी, जबकि मोनिका का प्रकरण पात्रता के अभाव में स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा महकेपार की उषा काड़ेकर, आरती उइके, बोरगांव (किरनापुर) की विनीता मर्सकोले तथा बालाघाट के डालीराम लिल्हारे द्वारा संबल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने इन शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के समय संबल कार्ड की पात्रता की भी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।
फसल बीमा और कृषक सहायता मामलों में सख्ती
कृषि विभाग की शिकायतों की सुनवाई में तिरोड़ी के राजेंद्र, कोहका के ओमकार, खैरलांजी की रामरी तथा ग्राम दिघोरी के मोहम्मद खालिक की फसल बीमा राशि नहीं मिलने संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाना है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को बीमा कंपनी से समन्वय कर भुगतान की राशि और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
वारासिवनी तहसील के ग्राम नरोड़ी की हेमलता चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं मिलने की 216 दिनों से लंबित शिकायत की सुनवाई के दौरान पाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रकरण के निराकरण में लापरवाही बरती गई और जांच के लिए मामला विलंब से एसडीएम के पास भेजा गया। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एल-1 अधिकारी एवं उप संचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उज्ज्वला योजना की शिकायतों पर कार्रवाई
सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने से संबं
धित पांच शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जो 350 दिनों से अधिक समय से लंबित थीं। कलेक्टर श्री मीना ने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं गैस एजेंसी के अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर बंद कराने के निर्देश दिए। उज्ज्वला योजना की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कटंगी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
कलेक्टर श्री मीना ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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8 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026