बांदा पुलिस बनी मसीहा, 12 साल से लापता असम का युवक मिला*
*बदौसा पुलिस की सूझबूझ से बिछड़े दो भाइयों का मिलन, वीडियो कॉल से हुई पहचान*
*बांदा।* थाना बदौसा पुलिस ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसने पुलिस की मानवीय छवि को और ऊंचा कर दिया है। 12 साल पहले घर से नाराज होकर निकला असम का एक व्यक्ति, जिसे परिजन मरा हुआ समझ चुके थे, बांदा में सकुशल मिल गया।
*कैसे मिला युवक -*
दिनांक 25.08.2026 को सायंकालीन चेकिंग के दौरान *फतेहगंज तिराहा* पर पुलिस टीम को एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में मिला। उसकी भाषा साफ नहीं थी और वह अपना पता ठीक से नहीं बता पा रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम *मो0 सफीउर्रहमान पुत्र हुसैन अली, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम वरगुला, जिला बोंगाईगांव, असम* बताया।
पुलिस उसे थाने लाई, सांत्वना दी और प्यार से पूछताछ की। फिर पुलिस ने इंटरनेट के माध्यम से असम के *थाना अभयापुरी* से संपर्क किया। वहां से उसके भाई *शुजाउल हक निवासी ग्राम बलारपेट, पोस्ट तिलपुखुरी* का नंबर मिला।
*वीडियो कॉल बना सहारा -*
पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए शुजाउल हक को अपने भाई की शक्ल दिखाई। भाई ने देखते ही कहा - "ये तो मेरा भाई सफीउर्रहमान है!" पुलिस ने व्हाट्सएप पर आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज मंगवाए, मिलान किया तो पहचान पक्की हो गई।
*भाई ने बताया - 12 साल पहले हुआ था लापता -*
भाई शुजाउल हक ने बताया कि मो0 सफीउर्रहमान करीब *12 वर्ष पूर्व घर से नाराज होकर चला गया था* और तब से लापता था। परिजनों ने हर जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अब परिजन उसे लेने के लिए असम से बांदा के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के आने पर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही कर उसे उनके सुपुर्द किया जाएगा।
इस संबंध में *अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज* ने वीडियो बाइट के माध्यम से पूरी घटना की जानकारी दी और थाना बदौसा पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना की।
Atarra, Banda | Aug 28, 2026