
गबन प्रमाणित, बर्खास्तगी भी हुई फिर भी संरक्षण! अपीलीय आदेश पर उठे गंभीर सवाल
बिना बजट, बिना स्वीकृति और बिना अधिकार के हुए भ्रमण को बताया अति आवश्यक
-अपीलीय आदेश से वन विभाग में मचा विवाद
अनोखा तीर, हरदा। वन विभाग में आर्थिक अनियमितताओं और कथित गबन के एक चर्चित मामले में अपीलीय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जिस अधिकारी के विरुद्ध प्राथमिक जांच, विभागीय जांच तथा विस्तृत परीक्षण के बाद आर्थिक गबन प्रमाणित हुआ और जिसे गहन अध्ययन एवं विचारोपरांत सेवा से बर्खास्त किया गया, उसी अधिकारी को अपीलीय स्तर पर संरक्षण प्रदान किया गया। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब जुलाई 2019 में संबंधित कार्यक्रम के लिए न तो कोई स्वीकृत बजट था, न कोई योजना स्वीकृत थी और न ही भ्रमण के लिए सक्षम अधिकार उपलब्ध थे, तब अपीलीय आदेश में इसे अति आवश्यक एवं त्वरित किया जाना था बताने का आधार क्या था?
एक दिन में तैयार हो गए 150 सदस्य!
दस्तावेजों के अनुसार वर्षाकाल के दौरान प्रदेश के बाहर महाराष्ट्र स्थित अन्ना हजारे के प्रसिद्ध ग्राम रालेगण सिद्धि के भ्रमण का आयोजन किया गया। आरोप है कि मात्र एक दिन के भीतर लगभग 150 सदस्यों को तैयार कर बिना पूर्व स्वीकृत प्रक्रिया के भ्रमण कराया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब विभागीय मद में राशि उपलब्ध नहीं थी तो भ्रमण के लिए उधार राशि का उपयोग किस नियम के तहत किया गया?
फर्जी बिलों से खर्च दर्शाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि भ्रमण व्यय के समर्थन में प्रस्तुत कुछ बिल कंप्यूटर से तैयार किए गए और उनकी प्रामाणिकता पर प्रश्न उठे। विभागीय जांच अधिकारी एवं तत्कालीन डीएफओ हरदा द्वारा विस्तृत जांच के बाद आर्थिक गबन प्रमाणित किए जाने का उल्लेख रिकॉर्ड में है। इसके बावजूद अपीलीय आदेश में शासन को किसी प्रकार की वित्तीय हानि न होने का निष्कर्ष निकालना कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
वन मुख्यालय तक पहुंची चर्चा
सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में पारित अपीलीय आदेश ने वन विभाग के उच्च स्तर तक बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि यदि बिना बजट, बिना स्वीकृति और कथित फर्जी बिलों के आधार पर हुए खर्च को भी वैध मान लिया जाए तो वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही की अवधारणा ही प्रभावित होगी।
जवाबों का इंतजार
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अति आवश्यक भ्रमण घोषित करने का वैधानिक आधार क्या था?
-बिना बजट और स्वीकृत के खर्च किस नियम के तहत किया गया?
-जांच में प्रमाणित वित्तीय अनियमितताओं को अपील में किस आधार पर निरस्त किया गया?
-यदि शासन को कोई हानि नहीं हुई, तो विभागीय जांच में आर्थिक गबन प्रमाणित कैसे हुआ?
Harda, Harda | Jun 14, 2026