
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत और भाजपा के अहंकार की हार है : राघवेंद्र कुमार
जन सुराज पार्टी, शिवहर (बिहार) के मुख्य प्रवक्ता राघवेंद्र कुमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों-युवाओं के संघर्ष, जनआंदोलन और लोकतंत्र की शक्ति की ऐतिहासिक विजय है।
यह भाजपा सरकार के उस अहंकार की हार है, जिसने लंबे समय तक छात्रों की आवाज़ को दबाने और जनभावनाओं की अनदेखी करने का प्रयास किया।
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के प्रसिद्ध कथन—"Government of the people, by the people, for the people"—का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जनता में निहित होती है।
नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में चले लंबे छात्र आंदोलन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब युवा और आमजन संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं, तब सबसे शक्तिशाली सरकारों को भी जनता के सामने झुकना पड़ता है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी जनशक्ति की जीत का प्रतीक है।
राघवेंद्र कुमार ने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। यदि नीट पेपर लीक प्रकरण और उससे जुड़े घटनाक्रम में 22 छात्र-छात्राओं की मृत्यु हुई है, तो इसकी नैतिक, प्रशासनिक और कानूनी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर सभी जिम्मेदार अधिकारियों, बिचौलियों और दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मांग की कि इस संघर्ष में जान गंवाने वाले 22 छात्र-छात्राओं के प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
जन सुराज पार्टी ने मांग की कि नीट पेपर लीक सहित देशभर में हुए सभी परीक्षा घोटालों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक आरोपी—चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो—को त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से कठोरतम सजा दी जाए।
शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
राघवेंद्र कुमार ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष था। जन सुराज पार्टी छात्रों और युवाओं के न्यायपूर्ण आंदोलन के साथ पहले भी खड़ी थी, आज भी पूरी मजबूती से खड़ी है और भविष्य में भी उनके अधिकारों एवं न्याय की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ती रहेगी।