
#मध्यप्रदेश में 1160 करोड़ रुपये के कथित फोर्टिफाइड #चावल घोटाले ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में हलचल मचा दी है।
#बालाघाट से शुरू हुई जांच में खुलासा हुआ कि एफसीआई (FCI) के गोदाम से एथेनॉल उत्पादन के लिए भेजा गया सरकारी फोर्टिफाइड चावल कथित तौर पर अपने निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने के बजाय निजी राइस मिलों की ओर मोड़ दिया गया। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, यह मामला एक ट्रक से बढ़कर करोड़ों रुपये के संगठित नेटवर्क तक पहुंच गया। अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं, 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और 13 से अधिक आरोपियों को नामजद किया गया है। इस मामले में ट्रक चालक, ट्रांसपोर्टर और एथेनॉल प्लांट से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि राइस मिल संचालक गंभीर संचेती और उनके बेटे सौरभ संचेती अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी सिस्टम से लगभग ₹2,320 प्रति क्विंटल की दर से निकलने वाला फोर्टिफाइड चावल कथित रूप से ₹2,800 प्रति क्विंटल तक बेचा जा रहा था। आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मुनाफे का बंटवारा किया जा रहा था और सरकारी अनाज का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। बालाघाट पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए 20 से 25 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए गए हैं और जांच लगातार जारी है। इस बीच विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं पूर्व सांसद ने सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है।
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Indore, Indore | Jul 13, 2026