
छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले में शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के अटैचमेंट खत्म होने के बाद भी बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। DPI के कड़े निर्देशों और सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद, कई शिक्षकों और छात्रावास अधीक्षकों को अब तक रिलीव नहीं किया गया है। सूत्रों की मानें तो एक 'अदृश्य शक्ति' के दबाव में DPI के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं, जिसके कारण अब शिक्षकों का एक धड़ा खुलकर आक्रोश जता रहा है और पूरा विभाग दो फाड़ में बंट चुका है।
बता दें कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर 324 कर्मचारियों की सूची में से अब तक केवल 196 को ही रिलीव किया गया है, जबकि करीब 90 शिक्षक अब भी आदिमजाति कल्याण विभाग में जमे हुए हैं। पड़ोसी जिलों (सरगुजा और कोरिया) में जहां अधीक्षकों को रिलीव कर दिया गया है, वहीं बलरामपुर में जारी इस गतिरोध से अब शिक्षकों को एक महीने का वेतन रुकने और विभागीय कार्रवाई की चिंता सताने लगी है। देखना होगा कि इस प्रशासनिक खींचतान का ऊंट किस करवट बैठता है।
#BalrampurNews #ChhattisgarhEducation #DPIOrder #TeacherAttachment #ChhattisgarhGovernment #EducationDepartment #BreakingNews #CGNews #FatafatNews