
भारत दुनिया में सोने का दूसरा बड़ा उपभोक्ता है। लेकिन देश में सोने का उत्पादन बहुत कम है और ज्यादातर सोना आयात होता है। पिछले साल भारत ने 640 टन सोने का आयात किया था जिसकी कीमत रिकॉर्ड 72.4 अरब डॉलर थी। कच्चे तेल के बाद सोना सबसे ज्यादा आयात होने वाली वस्तु है। इस पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इसके आयात को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने भारत ने 13 मई 2026 से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इससे देश में सोने की तस्करी में भारी तेजी आई है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इसके मुताबिक भारत में साल की तीसरी तिमाही में सोने की तस्करी 2023 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। जुलाई से सितंबर के दौरान तस्करी से जरिए देश में आने वाला सोना 1500 फीसदी उछाल के साथ 50 टन पहुंच गया। एक साल पहले यह आंकड़ा महज 3 टन था। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कंसल्टेंसी फर्म मेटल्स फोकस के डेटा के हवाले से यह दावा किया है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि तस्करी का पता कैसे लगाया गया। सोने पर टैक्स बढ़ने से तस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसकी वजह यह है कि इससे तस्करों का मार्जिन बढ़ जाता है। अक्टूबर में सोने की कीमत में 6.8% गिरावट आई। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस से कम रह गई।
सोने की कीमत में आज भी गिरावट आई है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत में कारोबार के दौरान 2000 रुपये से अधिक गिरावट आई। 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 140186 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 139420 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 137863 रुपये तक गिरा। अभी यह 2037 रुपये की गिरावट के साथ 138149 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।