सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू अपनी एक फेसबुक पोस्ट में लिखते हैं। "इमाम हुसैन का ग़म जिस आज़ादी से भारत में मनाया जाता रहा है वह सर्वविदित है ।
धन्य है यह पावन धरा ।
इस लिए रसूल अल्लाह को हिन्द की तरफ़ से ठंडी हवायें आती महसूस होती थीं ।
स्वयं इमाम हुसैन ने अपने क़ाफ़िले के साथ भारत आने की इच्छा प्रकट की थी ।
या हुसैन, मानवता के महान संत
आपको लाखों सलाम।"