
सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए RH 725 एक चर्चित उन्नत किस्म है। इसे हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने विकसित किया है। इस किस्म की खासियत इसकी लंबी और मोटी फलियां, दानों की अच्छी संख्या और तेल की मात्रा बताई जाती है।
RH 725 में सामान्यतः एक फली में करीब 17–18 दाने होने की बात कही जाती है। इसकी फसल लगभग 135–145 दिनों में पकने वाली बताई जाती है, जबकि तेल की मात्रा करीब 40 प्रतिशत तक बताई जाती है।
इस किस्म को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि पादप प्रजनक डॉ. रामअवतार सिंह द्वारा विकसित किया गया है। लंबी और मोटी फलियां तथा दानों की अच्छी संख्या के कारण यह किस्म किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हुई है।
हालांकि किसान भाइयों को किसी भी किस्म का बीज खरीदने से पहले अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी, सिंचाई की उपलब्धता और स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/कृषि विभाग की अनुशंसा जरूर देखनी चाहिए। केवल किसी किस्म की लोकप्रियता के आधार पर बीज का चयन करना सही नहीं होगा।
आपके क्षेत्र में RH 725 सरसों की खेती होती है या नहीं? अगर होती है, तो आपका इसका अनुभव कैसा रहा?
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