
राजस्थान में लोकसभा परिसीमन की आहट: SC-ST सीटें बढ़ाने का सुझाव, कई दिग्गज नेताओं की सीटों पर असर संभव
राजस्थान में प्रस्तावित लोकसभा परिसीमन को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी से जुड़े एक स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट में राज्य की लोकसभा सीटों को मौजूदा 25 से बढ़ाकर 37 करने के साथ ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाकर 12 किए जाने का सुझाव दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, नागौर लोकसभा सीट का नया परिसीमन नागौर और डीडवाना-कुचामन क्षेत्रों को मिलाकर किया जा सकता है तथा इसे SC आरक्षित बनाने का सुझाव दिया गया है। यदि ऐसा होता है, तो वर्तमान सांसद हनुमान बेनीवाल को नई सीट तलाशनी पड़ सकती है।
इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले बारां-झालावाड़ संसदीय क्षेत्र को परिसीमन के बाद ST आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है। इससे वर्तमान सांसद दुष्यंत सिंह के लिए भी नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि वर्तमान में आरक्षित बीकानेर और दौसा लोकसभा सीटों को सामान्य (ओपन) श्रेणी में लाया जा सकता है। हालांकि, यह केवल एक अध्ययन रिपोर्ट का सुझाव है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि परिसीमन आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक मसौदा या अंतिम निर्णय जारी नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल इन सुझावों को संभावित प्रस्ताव के रूप में ही देखा जा रहा है।