
व्यापार मंडल में व्यापारिक संगठनों की बैठक आयोजित,
सिंचाई पानी नही मिला तो बुधवार को अनूपगढ़ के बाजार रहेंगे पूर्णतया बंद
इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में पर्याप्त सिंचाई पानी की मांग को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में अनूपगढ़ के व्यापारी भी किसानों के समर्थन में आ गए हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा की अध्यक्षता में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के अध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें डैम में पानी की स्थिति, सिंचाई विभाग की ओर से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करवाए जाने और किसानों के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में 30 सितंबर को किसानों की तरफ से की गई बाजार बंद की अपील पर अनूपगढ़ बाजार बंद रखने पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से सहमति जताई। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों को समय रहते पानी नही मिलता है तो 30 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए एडीएम कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी। सिंचाई पानी की माँग को लेकर जनता ट्रक यूनियन तक सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। व्यापार मंडल ने सभी व्यापारियों से बंद में शामिल होने का आह्वान किया है। व्यापारियों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखने पर सहमति जताई। बंद के दौरान निजी स्कूल भी नहीं खुलेंगे। जनता ट्रक यूनियन में कामकाज नहीं होगा। चाय की दुकानों सहित अन्य छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
एडीएम कार्यालय का किया जाएगा घेराव
बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा ने कहा कि अनूपगढ़ में किसान पिछले 8 दिनों से एडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं, जबकि घड़साना में किसान करीब 18 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार और सिंचाई विभाग की ओर से किसानों की मांग का समाधान नहीं किया गया है। किसानों को पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से सावणी की फसल प्रभावित हो चुकी है और अब हाड़ी की फसल पर भी संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि यदि 29 सितंबर को अनूपगढ़ शाखा में पानी नहीं पहुंचा तो 30 सितंबर को एडीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा और कार्यालय पर ताला लगाने की चेतावनी दी गई है। किसानों की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कार्यालय घेराव और आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
किसान कर रहे है 8 बारी सिंचाई पानी की
किसान नेता श्योपत मेघवाल ने बताया कि किसान पिछले 8 दिनों से सिंचाई के लिए 8 बारी पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 5 बारी पानी की उपलब्धता पर सहमति जताई थी और एक बारी पानी डैम में पानी की इनफ्लो की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए देने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक सिंचाई विभाग ने पानी को लेकर कोई रेगुलेशन जारी नहीं किया कि जिससे बात स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के आश्वासन के अनुसार 29 सितंबर को अनूपगढ़ शाखा में पानी चलना आवश्यक है। अनूपगढ़ शाखा के संचालन के बाद ही आगे पानी की व्यवस्था बनते हुए 7 अक्टूबर को सूरतगढ़ शाखा का संचालन संभव होगा। यही 4 में से 2 ग्रुप चलने का क्रम है अन्यथा सिंचाई विभाग की मंशा तीन में से एक में ग्रुप चलाने की हैं।
पानी नही मिलने से सरसो की बिजाई होगी प्रभावित
अक्टूबर में पानी नहीं आया तो सरसों की बुवाई का उपयुक्त समय निकल जाएगा। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा ने कहा कि हाड़ी सीजन में किसानों के लिए सरसों प्रमुख फसल है। सरसों की बुवाई का भी एक उपयुक्त समय होता है। यदि अक्टूबर में समय पर सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो किसानों के सामने सरसों की बुवाई समय पर नहीं कर पाने की स्थिति पैदा हो जाएगी। इससे आगामी फसल का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है।