
आज सोनम वांगचुक के अनशन का 16वां दिन हो गया।
एक पर्यावरणविद् ,एक साइंटिस्ट और एक ऐसा व्यक्ति जिनका मानना है कि क्रांति के लिए हथियार नहीं विचार चाहिए ।
जिसने एक ऐसी शिक्षा पद्धति बनाने के बारे में सोचा जो लोगों को किताबी ज्ञान से परे मानव के जीवन स्तर को सुधारने के लिए काम आए । आज वह महान व्यक्तित्व सोनम जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है ।आज अनशन का सोलहवां दिन है लेकिन सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को कोई तवज्जो नहीं दे रही है । सरकार के प्रतिनिधियों ने एक बार भी सोनम सर से मुलाकात करने की कोशिश नहीं की। सरकार का ये रवैया अवश्य ही निन्दनीय है।
सोनम सर हमारे देश के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। हमें उनका साथ देना चाहिए।अगर हम दिल्ली जंतर मंतर पर नहीं पहुंच सकते तो कोई बात नहीं, कम से कम सोशल मीडिया पर हम उनके बारे में, उनके समर्थन में लिख तो सकते हैं। प्लीज ! मेरा सभी मित्रों से हाथ 🙏जोड़कर निवेदन है कि कम से कम एक पोस्ट सोनम वांगचुक के आंदोलन के बारे में अवश्य डालें,ताकि अंधी और बहरी सरकार की आंखें और कान खुल सकें।
#मैं कॉकरोच नहीं हूं। लेकिन मैं सोनम वांगचुक सर के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करता हूॅं।
Jalaun, Jalaun | Jul 14, 2026