
राजस्थान सरकार ने रेड बुल, स्टिंग समेत आठ प्रमुख ब्रांड की एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री, भंडारण और प्रचार पर रोक लगा दिया है। दुकानों के साथ ही यह प्रतिबंध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी लागू होगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमों ने एक सप्ताह में प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में छापे मार कर एनर्जी ड्रिंक्स की पांच लाख से अधिक बोतलों को जब्त किया है। साथ ही विक्रेताओं को भविष्य में इनकी बिक्री अथवा भंडारण करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय के अधिकारियों के अनुसार, कई कंपनियां अपने उत्पादों पर ऐसे दावे कर रही थीं, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं। जांच में पाया गया कि कई उत्पादों के लेबल पर "एनर्जी ड्रिंक", "शरीर और मन को स्फूर्ति प्रदान करता है" जैसे दावे किए जाते है।
विभाग का कहना है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के तहत ऐसे दावों को भ्रामक प्रचार की श्रेणी में माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एनर्जी ड्रिंक में मुख्य रूप से कैफीन, भारी मात्रा में शुगर, विटामिन-बी और टॉरिन जैसे उत्तेजक तत्व पाए जाते हैं। यह दिमाग को अस्थायी रूप से सक्रिय करता है। थकान मिटाने का एहसास दिलाता है।
हालांकि, ये ड्रिंक्स कुछ समय के लिए चुस्ती लाते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की आयुक्त डा. टी. शुभमंगला ने बताया कि एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
इसके अलावा कई कंपनियां इन उत्पादों को तुरंत ऊर्जा बढ़ाने, शारीरिक क्षमता में सुधार और बेहतर प्रदर्शन का दावा करते हुए बेच रही हैं, जबकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेड बुल, स्टिंग, हेल एनर्जी, कैंपा एनर्जी, मांस्टर एनर्जी, आफ्टर शाक, ट्रॉपिकाना और एड्रेनालिन रश की बिक्री, भंडारण और प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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Tonk, Tonk | Jul 11, 2026