
*AIIMS रायपुर में जटिल कान के ऑपरेशन से 30 वर्षीय युवक को मिला नया जीवन, चेहरे के लकवे का खतरा टला*
*रायपुर, 15 जून 2026😗 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के ENT विभाग के डॉक्टरों ने 4 घंटे चले एक जटिल ऑपरेशन में 30 वर्षीय मरीज आर्यन जायसवाल के कान से जानलेवा बीमारी 'कोलेस्टियाटोमा' को सफलतापूर्वक निकालकर उनकी जान बचाई। समय पर ऑपरेशन न होता तो बीमारी दिमाग तक फैल सकती थी और चेहरे पर स्थायी लकवा हो सकता था।
*क्या थी बीमारी?*
आर्यन जायसवाल पिछले कई सालों से दाएं कान की पुरानी बीमारी 'स्क्वैमोसल CSOM' से पीड़ित थे। जांच में पता चला कि उनके कान में 'कोलेस्टियाटोमा' नाम का मोती जैसा गुच्छा बन गया था। यह गुच्छा कान की हड्डी, सुनने की 3 में से 2 हड्डियों को खा चुका था और चेहरे की नस 'फेशियल नर्व' व दिमाग की झिल्ली तक पहुंच गया था।
*ऑपरेशन कैसे हुआ?*
15 जून 2024 को डॉ. शशिकांतका बेहरा, डॉ. हेमंत और डॉ. अभिषेक पटेल की टीम ने जनरल एनेस्थीसिया में 'कैनाल वॉल डाउन मास्टॉयडेक्टॉमी + टाइप III टिम्पैनोप्लास्टी' सर्जरी की।
डॉ. शशिकांतका बेहरा ने बताया, "यह बहुत चुनौतीपूर्ण केस था। बीमारी ट्रॉटमैन ट्रायंगल और ड्यूरल प्लेट तक फैली थी। हमने माइक्रोस्कोप की मदद से बहुत सावधानी से कोलेस्टियाटोमा की थैली को चेहरे की नस और सुनने की हड्डियों से अलग किया। मरीज की सुनने की हड्डी 'इनकस' गायब थी और 'मैलियस' घिस गई थी। 'स्टेपीज' का ऊपरी हिस्सा भी नहीं था।"
सर्जरी में डॉक्टरों ने मरीज के सिर से 'टेम्पोरालिस फेशिया' और कान की गट्टी 'कार्टिलेज' निकालकर नया पर्दा बनाया और उसे सीधे 'स्टेपीज फुटप्लेट' पर रख दिया। साथ ही कान की नली को चौड़ा किया गया ताकि भविष्य में सफाई आसानी से हो सके।
*एनेस्थीसिया टीम का कमाल*
डॉ. निर्मेश और डॉ. प्रतीक्षा की एनेस्थीसिया टीम ने 4 घंटे तक मरीज को सफलतापूर्वक बेहोश रखा। ऑपरेशन के दौरान केवल 150 मिली खून बहा जो इस तरह की मेजर सर्जरी में सामान्य माना जाता है। ऑपरेशन के बाद मरीज के सभी वाइटल - नब्ज, BP, ऑक्सीजन - सामान्य थे। PACU रिपोर्ट के अनुसार कोई भी प्रतिकूल घटना नहीं हुई।
*डॉक्टरों ने क्या कहा*
डॉ. बेहरा ने कहा, "कोलेस्टियाटोमा अगर समय पर न निकाला जाए तो यह ब्रेन एब्सेस, मेनिनजाइटिस और फेशियल पैरालिसिस का कारण बन सकता है। इस मरीज की फेशियल नर्व को बचा लिया गया, यह हमारी सबसे बड़ी सफलता है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह होश में था और रिकवरी अच्छी है।"
*अब आगे क्या*
AIIMS के डॉक्टरों के अनुसार मरीज को पूरी तरह ठीक होने में 2-3 महीने लगेंगे। इस दौरान कान में पानी डालना मना है। सुनने की क्षमता पहले से बेहतर होगी, लेकिन 100% सामान्य नहीं भी हो सकती। मरीज को आजीवन फॉलोअप कराना होगा क्योंकि कोलेस्टियाटोमा दोबारा हो सकता है।
*AIIMS रायपुर का बयान*
AIIMS रायपुर ENT विभाग इस तरह के जटिल ऑपरेशनों के लिए क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन रहा है। यहां आधुनिक माइक्रोस्कोप और विशेषज्ञ टीम की मदद से ऐसे मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है जो पहले बड़े शहरों का रुख करते थे।
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*नोट*: मरीज की पहचान उनकी सहमति से सार्वजनिक की गई है। मेडिकल जानकारी केवल जनजागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
Mauganj, Rewa | Jun 17, 2026