
झारखंड राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कोल्हान के युवा नेता एवं समाजसेवी गौतम महतो की एक बेबाक सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। सत्ता पक्ष से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने सरकार की कार्यशैली और कोल्हान के विकास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गौतम महतो ने अपनी पोस्ट में कहा है कि 26 वर्षों में कोल्हान ने राज्य को कई मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और सांसद दिए, इसके बावजूद यह क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, खराब सड़क व्यवस्था, कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा की बदहाली और पानी-बिजली जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम की खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि समृद्ध संसाधनों के बावजूद क्षेत्र को उसका अपेक्षित विकास नहीं मिल पाया है। खदानों के बंद होने से रोजगार संकट गहराया है, वहीं अवैध खनन और संसाधनों के दोहन पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
गौतम महतो ने पड़ोसी राज्य ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास की निरंतरता वहां की सरकारों की प्राथमिकता रही है, जबकि झारखंड में कोल्हान अब भी अपने हक के विकास से वंचित नजर आता है।
उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोग इसे जनता की आवाज और विकास के मुद्दों को उठाने की सकारात्मक पहल बता रहे हैं, वहीं यह पोस्ट सरकार और जनप्रतिनिधियों के लिए आत्ममंथन का विषय भी बन गई है।
अब देखना यह होगा कि कोल्हान के इन गंभीर सवालों पर सरकार और संबंधित जनप्रतिनिधि क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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