
अररिया, बिहार। रानीगंज प्रखंड की हाँसा पंचायत स्थित डाक बंगला चौक पर बना सार्वजनिक मां दुर्गा मंदिर पिछले 32 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वर्ष 1994 में ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से स्थापित इस मंदिर में हर साल नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की पूजा बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ की जाती है।
नवरात्र के दस दिनों तक हाँसा, कमलपुर और आसपास के गांवों में भक्तिमय माहौल बना रहता है। मंदिर में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। स्थानीय ग्रामीण भी आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। संध्या आरती के दौरान देवी गीतों, ढोलक, मृदंग और हारमोनियम की धुन से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठता है।
इस मंदिर की खास पहचान महानवमी के दिन होने वाला धार्मिक आयोजन है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, नवमी पर 300 से अधिक छागरों की ब# लि दी जाती है। वहीं, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर अररिया जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी से विजयादशमी तक मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है। मेले में विभिन्न दुकानें सजती हैं और श्रद्धालुओं की चहल-पहल से पूरा इलाका उत्सव के रंग में रंग जाता है।
आस्था, परंपरा और एकता की मिसाल बना यह ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर तीन दशक से अधिक समय से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है।
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जय माता दी! 🚩
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