
भाजपा को धर्मेंद्र कश्यप का ‘टाटा-बाय-बाय’, सियासी हलकों में बढ़ी हलचल
आंवला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके भाजपा नेता धर्मेंद्र कश्यप के पार्टी से दूरी बनाने के संकेतों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। धर्मेंद्र कश्यप ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पर “टाटा-बाय-बाय” लिखकर पोस्ट किया। इसके बाद उनके आवास पर लगा भाजपा का झंडा भी हटाए जाने की चर्चा सामने आई है।
धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी पोस्ट में 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने चुनाव के दौरान उनका खुलकर विरोध किया, यदि वही लोग आज पार्टी की अग्रिम पंक्ति में बैठेंगे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, तो ऐसे में उनका पार्टी को टाटा-बाय-बाय कहना स्वाभाविक है।
उन्होंने शायराना अंदाज में लिखा— “जब से चला हूं मंजिल पर मेरी निगाहें, कभी मील का पत्थर नहीं देखा।”
राजनीतिक रास्ता बदलने के सवाल पर धर्मेंद्र कश्यप ने संकेत देते हुए कहा कि “निश्चित ही मानिए।” उनके इस बयान के बाद उनके समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। दावा है कि उनकी मुलाकात सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र कश्यप पिछले कुछ समय से अपनी बेटी कृति कश्यप के लिए विधानसभा चुनाव में टिकट की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनका झुकाव सपा की ओर बढ़ने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं।
हाल ही में भाजपा की ओर से बरेली जिले से संतोष कुमार गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद धर्मेंद्र कश्यप की नाराजगी और बढ़ने की चर्चा है।
हालांकि धर्मेंद्र कश्यप ने अभी अपने अगले राजनीतिक कदम की औपचारिक घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा है कि वह अपने समर्थकों के साथ बैठक करेंगे और इसके बाद कोई फैसला लेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि धर्मेंद्र कश्यप भाजपा में रहते हैं या सपा का दामन थामते हैं।
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